फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Registry forgery: deed writer out of investigation, questions arising on report

रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा : अर्जन नवीस जांच से बाहर, रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल

Sat, 19 Feb 2022 02:11 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 02:11 AM IST
विज्ञापन
Registry forgery: deed writer out of investigation, questions arising on report
चंडीगढ़। हरियाणा में हुए रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में अब जांच रिपोर्ट पर ही सवाल उठने लगे हैं। तैयार रिपोर्ट में पटवारी, रजिस्ट्री क्लर्क, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों पर ही फोकस किया गया है। जबकि रजिस्ट्री प्रक्रिया की सबसे अहम कड़ी अर्जन नवीस (डीड राइटर) को जांच में शामिल नहीं किया गया है। बिना अर्जन नवीस के रजिस्ट्री संभव नहीं है, क्योंकि लिखने का तमाम कार्य यही करते हैं। अर्जन नवीस की भूमिका को जांच से बाहर रखने पर पटवारी एसोसिएशन ने भी सवाल उठाए हैं।
विज्ञापन

मंडलायुक्तों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर 58 हजार रजिस्ट्री ऐसी पाई गई हैं, जिनमें नियमों का पालन नहीं किया गया। शेष मंडलों की रिपोर्ट कंपाइल की जा रही है। इसी आधार पर वित्तायुक्त कार्यालय की ओर से 176 पटवारी, 22 लिपिक, 34 तहसीलदार और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी किए हैं। इससे गुस्साए पटवारियों ने दो दिन तक प्रदेशभर में हड़ताल भी रखी। पटवारी एसोसिएशन के महासचिव दिलबाग सिंह का कहना है कि जांच सही तरीके से नहीं की गई। रजिस्ट्री में जिनका पूरा दखल होता है, उनको शामिल ही नहीं किया गया।
विज्ञापन

पूरी प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में
तहसील में रजिस्ट्री के लिए सबसे पहले जमीन की फर्द निकाली जाती है। इसके बाद रजिस्ट्री अर्जन नवीस द्वारा लिखी जाती है। इसके बाद इसे रजिस्ट्री क्लर्क जांच करता है और बाद में यह तहसीलदार तक पहुंचती है। अहम बात ये है कि अवैध कॉलोनियों और उनके नंबरों की पूरी जानकारी डीड राइटर से लेकर तहसीलदार तक होती है, बावजूद इसके रजिस्ट्री होना सभी पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के कर्मचारियों की भी कोई जांच नहीं की गई। शहरों में अवैध कालोनी आबाद होना और नियमों के खिलाफ जाकर उनकी रजिस्ट्री होना इन दोनों विभागों की गैर जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट्स
जांच सही तरीके से नहीं की गई है। लाल डोरे की रजिस्ट्री में एनओसी की जरूरत नहीं होती है, फिर भी पटवारियों को नोटिस आए हैं। पटवारियों का रजिस्ट्री प्रक्रिया में कोई दखल नहीं होता है। - जयवीर चहल, प्रधान, द पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा।

जांच रिपोर्ट के आधार पर ही नोटिस जारी किए गए हैं। अगर डीड राइटरों का दोष मिलता है तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। कोई गलत काम करने वाला बख्शा नहीं जाएगा, जबकि ठीक को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। - पीके दास, एसीएस, राजस्व विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed