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पॉकेट मनी से बना रहे हैं रावण
अमर उजाला पंचकूला
Updated Mon, 14 Oct 2013 02:16 AM IST
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बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने के लिए दो भाई अपनी पॉकेट मनी सेे पिछले दस सालों से रावण और मेघनाद का पुतला बना रहे हैं। बड़े भाई ने यह संदेश सात सालों तक दिया।
अब उनका छोटा भाई उनकी परंपरा को कायम रखे हुए है और पिछले तीन सालों से रावण और मेघनाद का पुतला बनाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दे रहा हैं।
पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया फेस-दो में रहने वाले तुषार गोयल अपने बड़े भाई शिवम गोयल की राह पर चल पड़े हैं।
शिवम ने लगातार सात वर्षो तक रावण और मेघनाद के पुतले अपनी पॉकेट मनी से बनाकर समाज को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था।
मैकेनिकल इंजीनियर बनने के बाद शिवर नौकरी पर जाने लगे, तो उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने छोटे भाई को सौंप दी। तुषार भी अपने बड़े भाई की परंपरा को निभाने लगे और अब हर साल रावण और मेघनाद का पुतला बनाते हैं।
तुषार हंसराज पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र हैं। वह अच्छे क्रिकेटर भी हैं।
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अब उनका छोटा भाई उनकी परंपरा को कायम रखे हुए है और पिछले तीन सालों से रावण और मेघनाद का पुतला बनाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दे रहा हैं।
पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया फेस-दो में रहने वाले तुषार गोयल अपने बड़े भाई शिवम गोयल की राह पर चल पड़े हैं।
शिवम ने लगातार सात वर्षो तक रावण और मेघनाद के पुतले अपनी पॉकेट मनी से बनाकर समाज को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया था।
मैकेनिकल इंजीनियर बनने के बाद शिवर नौकरी पर जाने लगे, तो उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने छोटे भाई को सौंप दी। तुषार भी अपने बड़े भाई की परंपरा को निभाने लगे और अब हर साल रावण और मेघनाद का पुतला बनाते हैं।
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तुषार हंसराज पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र हैं। वह अच्छे क्रिकेटर भी हैं।