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तीन किस्तों में पंजाब सरकार देगी किसानों का 300 करोड़ बकाया
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चंडीगढ़। पंजाब के गन्ना के बकाए को लेकर सरकार और किसानों के बीच शुक्रवार को सहमति बन गई। कृषि मंत्री कुलदीप धालीवाल के साथ पंजाब के 31 किसान संगठनों की बैठक में तय हुआ कि सरकार तीन किस्तों में बकाए के 300 करोड़ रुपये देगी। बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने दावा किया कि पंजाब सरकार किसानों के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और उनके उत्थान के लिए हर संभव काम करेगी।
चंडीगढ़ के सेक्टर-35 के म्युनिसिपल भवन में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि किसानी इस राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। इसी के अंतर्गत राज्य सरकार का यह संकल्प है कि गन्ना किसानों को निजी मिलों के हाथों परेशान नहीं होने दिया जाएगा। निजी गन्ना मिलों के मालिकों के साथ बातचीत करके उनको किसानों की बाकी की अदायगियां समय पर करने के लिए कहा जाएगा। ऐसा न होने की सूरत में मिल बंद की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि जहां तक सहकारी मिलों की तरफ गन्ना किसानों के 300 करोड़ रुपये के बकाए का संबंध है तो यह तीन किस्तों में अदा कर दिया जाएगा। इसमें से 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त 30 जुलाई तक अदा कर दी जाएगी। 100 करोड़ रुपये की ही दूसरी किस्त 30 अगस्त तक जारी होगी। आखिरी किस्त 15 सितंबर तक जारी होगी। राज्य की गन्ना मिलों को अत्याधुनिक मशीनरी के साथ लैस करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अंतर्गत बटाला और गुरदासपुर की मिलों में नई मशीनरी स्थापित की जा रही है।
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मुख्यमंत्री के सामने उठेगा किसानों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा
बैठक के दौरान किसानों को कृषि मंत्री ने यह भी भरोसा दिया कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और शहीद हुए किसानों के वारिसों को नौकरी देने का मुद्दा वह जोर-शोर के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। कर्ज माफी के बारे में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावशाली ढंग से उठाया जाएगा।
किसानों से पानी बचाने की अपील
कृषि मंत्री ने बैठक में उपस्थित किसानों से पानी बचाने की अपील की। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि सरकार के साथ सहयोग करके साझे उद्यम स्वरूप प्रकृति की बहुमूल्य देन पानी को बचाने के प्रयास किए जाएं क्योंकि यह समय की मांग है। राज्य में जलस्तर पहले ही बहुत नीचे जा चुका है।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-35 के म्युनिसिपल भवन में आयोजित बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि किसानी इस राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है। इसी के अंतर्गत राज्य सरकार का यह संकल्प है कि गन्ना किसानों को निजी मिलों के हाथों परेशान नहीं होने दिया जाएगा। निजी गन्ना मिलों के मालिकों के साथ बातचीत करके उनको किसानों की बाकी की अदायगियां समय पर करने के लिए कहा जाएगा। ऐसा न होने की सूरत में मिल बंद की जाएगी।
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मंत्री ने बताया कि जहां तक सहकारी मिलों की तरफ गन्ना किसानों के 300 करोड़ रुपये के बकाए का संबंध है तो यह तीन किस्तों में अदा कर दिया जाएगा। इसमें से 100 करोड़ रुपये की पहली किस्त 30 जुलाई तक अदा कर दी जाएगी। 100 करोड़ रुपये की ही दूसरी किस्त 30 अगस्त तक जारी होगी। आखिरी किस्त 15 सितंबर तक जारी होगी। राज्य की गन्ना मिलों को अत्याधुनिक मशीनरी के साथ लैस करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। इसके अंतर्गत बटाला और गुरदासपुर की मिलों में नई मशीनरी स्थापित की जा रही है।
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मुख्यमंत्री के सामने उठेगा किसानों पर दर्ज मुकदमों का मुद्दा
बैठक के दौरान किसानों को कृषि मंत्री ने यह भी भरोसा दिया कि किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और शहीद हुए किसानों के वारिसों को नौकरी देने का मुद्दा वह जोर-शोर के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। कर्ज माफी के बारे में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावशाली ढंग से उठाया जाएगा।
किसानों से पानी बचाने की अपील
कृषि मंत्री ने बैठक में उपस्थित किसानों से पानी बचाने की अपील की। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि सरकार के साथ सहयोग करके साझे उद्यम स्वरूप प्रकृति की बहुमूल्य देन पानी को बचाने के प्रयास किए जाएं क्योंकि यह समय की मांग है। राज्य में जलस्तर पहले ही बहुत नीचे जा चुका है।