{"_id":"623cd15f26885a55fc7d2a1a","slug":"punjab-government-accepted-that-the-banned-supplements-being-given-in-gyms-and-health-clubs-panchkula-news-pkl445600193","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब सरकार ने माना कि जिम और हेल्थ क्लबों में दिए जा रहे प्रतिबंधित सप्लीमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब सरकार ने माना कि जिम और हेल्थ क्लबों में दिए जा रहे प्रतिबंधित सप्लीमेंट
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में माना है कि जिम और हेल्थ क्लब बिना किसी लाइसेंस के फूड सप्लीमेंट व अन्य प्रतिबंधित दवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। इस पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि जब सरकार खुद मान रही है कि जिम व हेल्थ क्लबों में ऐसा चल रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
लुधियाना निवासी रवि कुमार ने एडवोकेट मोहिंदर कुमार के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में जिम और हेल्थ क्लब ट्रेनिंग के लिए आने वालों को फूड सप्लीमेंट और अन्य कुछ दवाएं देते हैं। दावा किया जाता है कि इनका सेवन करने से बॉडी बिल्डिंग में मदद मिलती है। जिम और इन हेल्थ क्लबों के पास इन दवाओं को देने का लाइसेंस नहीं होता है। इन दवाओं के सेवन से पहले डाक्टर की सलाह ली जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता। बिना लाइसेंस और प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं दी जाती हैं।
हाईकोर्ट को बताया गया कि कई प्रतिबंधित दवाएं भी जिम के ट्रेनरों व मालिकों द्वारा बेची जा रही हैं। कुछ दवाएं तो ऐसी हैं जिन पर अमेरिका, यूरोप सहित कई देशों में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। याचिकाकर्ता को एक डॉक्टर ने बताया कि ये दवाएं घोड़ों को दी जाती हैं जिनका मनुष्यों पर इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। बावजूद इसके ये दवाएं जिम और हेल्थ क्लबों में दी जाती है। याचिकाकर्ता ने इस सब पर प्रतिबंध लगाने की हाईकोर्ट से मांग की है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां इन दवाओं को जिम में आने वालों को दिया जाता है, लेकिन इन्हेें बेचने के लिए प्रदर्शित नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामा कार्रवाई के बारे में मौन है ऐसे में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने अब पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव और फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के संयुक्त सचिव को 6 मई तक कार्रवाई कर हाईकोर्ट को इसकी जानकारी देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
लुधियाना निवासी रवि कुमार ने एडवोकेट मोहिंदर कुमार के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में जिम और हेल्थ क्लब ट्रेनिंग के लिए आने वालों को फूड सप्लीमेंट और अन्य कुछ दवाएं देते हैं। दावा किया जाता है कि इनका सेवन करने से बॉडी बिल्डिंग में मदद मिलती है। जिम और इन हेल्थ क्लबों के पास इन दवाओं को देने का लाइसेंस नहीं होता है। इन दवाओं के सेवन से पहले डाक्टर की सलाह ली जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता। बिना लाइसेंस और प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं दी जाती हैं।
विज्ञापन
हाईकोर्ट को बताया गया कि कई प्रतिबंधित दवाएं भी जिम के ट्रेनरों व मालिकों द्वारा बेची जा रही हैं। कुछ दवाएं तो ऐसी हैं जिन पर अमेरिका, यूरोप सहित कई देशों में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। याचिकाकर्ता को एक डॉक्टर ने बताया कि ये दवाएं घोड़ों को दी जाती हैं जिनका मनुष्यों पर इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। बावजूद इसके ये दवाएं जिम और हेल्थ क्लबों में दी जाती है। याचिकाकर्ता ने इस सब पर प्रतिबंध लगाने की हाईकोर्ट से मांग की है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान सरकार ने हाईकोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां इन दवाओं को जिम में आने वालों को दिया जाता है, लेकिन इन्हेें बेचने के लिए प्रदर्शित नहीं किया जाता। हाईकोर्ट ने कहा कि हलफनामा कार्रवाई के बारे में मौन है ऐसे में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने अब पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के सचिव और फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के संयुक्त सचिव को 6 मई तक कार्रवाई कर हाईकोर्ट को इसकी जानकारी देने का आदेश दिया है।