{"_id":"621e74b22e3ed2445c44268a","slug":"preparation-municipal-corporation-will-develop-panchkula-by-adopting-land-pooling-policy-pkl-office-news-pkl4434732157","type":"story","status":"publish","title_hn":"तैयारी : लैंड पूलिंग पॉलिसी अपनाकर नगर निगम करेगी पंचकूला का विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तैयारी : लैंड पूलिंग पॉलिसी अपनाकर नगर निगम करेगी पंचकूला का विकास
विज्ञापन
पंचकूला। पंजाब-गुजरात के बाद अब पंचकूला में भी लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत नए सेक्टर बनाने के लिए पंचकूला नगर निगम की तरफ से प्रस्ताव पास किया जाएगा। मोहाली में लैंड पूलिंग पॉलिसी के चलते ही बड़ी तेजी से विकास हुआ है, जिसका अनुसरण कर अब पंचकूला में भी नए सेक्टर बनाकर विकास किया जाएगा। 7 मार्च को नगर निगम की बैठक प्रस्तावित है।
यह पहला मौका होगा, जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के बाद नगर निगम की तरफ से सेक्टर विकसित किए जाएंगे। पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1994 के अधिकारों के अनुसार 42ए के क्लॉज 42 (1) के अनुसार शहरी क्षेत्र का विकास नगर निगम के अधीन आता है। कोट बिल्ला अर्बन कांप्लेक्स (पंचकूला एक्सटेंशन पार्ट-2) का मास्टर प्लान वर्ष-2013 में बना था। इसमें 1 से 24 सेक्टर बनाए जाने थे।
उन सभी सेक्टरों का विकास नगर निगम द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए सभी सेक्टरों को मोहाली (गमाडा) की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत भूमि मालिकों से जमीन का इकरारनामा किया जाएगा, ताकि इन सेक्टरों का विकास किया जा सके। कई वर्षों से पंचकूला का विकास केवल 32 सेक्टर तक ही सीमित है। लैंड पूलिंग पॉलिसी के लिए कंसलटेेंट भी नियुक्त किए जाएंगे।
विज्ञापन
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बाद लैंड पूलिंग स्कीम के तहत जमीनों का इकरारनामा करके सबसे पहले सड़कों को विकसित किया जाएगा। पंजाब और गुजरात राज्य में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत कई प्रोजेक्ट विकसित किए गए हैं, लेकिन हरियाणा में कभी इस पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। इस पॉलिसी के बाद जमीनों की कीमतों में भी काफी उछाल देखने को मिलेगा। इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित होने पर किसानों और जमीन मालिकों को मिलने वाली जमीन की कीमत प्रति वर्ग गज में मिलने का बड़ा फायदा होगा।
लैंड पूलिंग स्कीम के तहत किसी भी जमीन मालिक को एक एकड़ जमीन के बदले उसी रिहायशी सेक्टर के विकसित होने पर 1000 से 1200 वर्ग गज तक का रिहायशी प्लाट और एक कामर्शियल प्लाट (प्लान के हिसाब से) देने का प्रावधान है। इसमें नगर निगम को पैसे देकर जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा और न ही कोर्ट से एन्हांसमेंट आने का कोई चक्कर होगा। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत प्रस्ताव पास करके अर्बन लोकल बॉडिज को भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट को धरातल पर शुरू करने की दिशा में काम होगा। काफी ग्रामीण आसपास के इलाकों मे लैंड पूलिंग स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित करने में इच्छुक हैं। मेयर कुलभूषण गोयल ने सभी पार्षदों से अपील की है कि वह पंचकूला को आगे ले जाने के लिए सहयोग करें और सौहार्दपूर्ण तरीके से बैठक में अपने सुझाव भी रखें।
विज्ञापन
यह पहला मौका होगा, जब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के बाद नगर निगम की तरफ से सेक्टर विकसित किए जाएंगे। पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि नगर निगम अधिनियम 1994 के अधिकारों के अनुसार 42ए के क्लॉज 42 (1) के अनुसार शहरी क्षेत्र का विकास नगर निगम के अधीन आता है। कोट बिल्ला अर्बन कांप्लेक्स (पंचकूला एक्सटेंशन पार्ट-2) का मास्टर प्लान वर्ष-2013 में बना था। इसमें 1 से 24 सेक्टर बनाए जाने थे।
विज्ञापन
उन सभी सेक्टरों का विकास नगर निगम द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए सभी सेक्टरों को मोहाली (गमाडा) की तर्ज पर लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत भूमि मालिकों से जमीन का इकरारनामा किया जाएगा, ताकि इन सेक्टरों का विकास किया जा सके। कई वर्षों से पंचकूला का विकास केवल 32 सेक्टर तक ही सीमित है। लैंड पूलिंग पॉलिसी के लिए कंसलटेेंट भी नियुक्त किए जाएंगे।
विज्ञापन
मेयर कुलभूषण गोयल ने बताया कि प्रस्ताव पास होने के बाद लैंड पूलिंग स्कीम के तहत जमीनों का इकरारनामा करके सबसे पहले सड़कों को विकसित किया जाएगा। पंजाब और गुजरात राज्य में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत कई प्रोजेक्ट विकसित किए गए हैं, लेकिन हरियाणा में कभी इस पर गंभीरता से काम नहीं हुआ। इस पॉलिसी के बाद जमीनों की कीमतों में भी काफी उछाल देखने को मिलेगा। इस स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित होने पर किसानों और जमीन मालिकों को मिलने वाली जमीन की कीमत प्रति वर्ग गज में मिलने का बड़ा फायदा होगा।
लैंड पूलिंग स्कीम के तहत किसी भी जमीन मालिक को एक एकड़ जमीन के बदले उसी रिहायशी सेक्टर के विकसित होने पर 1000 से 1200 वर्ग गज तक का रिहायशी प्लाट और एक कामर्शियल प्लाट (प्लान के हिसाब से) देने का प्रावधान है। इसमें नगर निगम को पैसे देकर जमीन का अधिग्रहण नहीं करना पड़ेगा और न ही कोर्ट से एन्हांसमेंट आने का कोई चक्कर होगा। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत प्रस्ताव पास करके अर्बन लोकल बॉडिज को भेजा जाएगा।
स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट को धरातल पर शुरू करने की दिशा में काम होगा। काफी ग्रामीण आसपास के इलाकों मे लैंड पूलिंग स्कीम के तहत प्रोजेक्ट विकसित करने में इच्छुक हैं। मेयर कुलभूषण गोयल ने सभी पार्षदों से अपील की है कि वह पंचकूला को आगे ले जाने के लिए सहयोग करें और सौहार्दपूर्ण तरीके से बैठक में अपने सुझाव भी रखें।