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दूसरे राज्यों के बिजली वितरण निगमों की हालत खराब, हरियाणा ने किया सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

Sun, 01 Nov 2020 10:57 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 01 Nov 2020 10:57 PM IST
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Power distribution corporations in other states in poor condition, Haryana performs best
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

कोविड के कारण बने आर्थिक मंदी के हालात में हरियाणा के बिजली वितरण निगमों उत्तर हरियाणा बिजली निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने शानदार प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय स्तर पर की जाने वाली वार्षिक इंटीग्रेटिड रेंकिंग में डीएचबीवीएन ए प्लस रेटिंग के साथ देश में चौथे नंबर व यूएचबीवीएन ए रेटिंग के साथ सातवें पायदान पर रहा।

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2015-16 में यूएचबीवीएन बी रेटिंग के साथ 24 वें नंबर व यूएचबीवीएन बी रेटिंग के साथ 22 वें नंबर पर थी। वित्तीय प्रबंधन के मामले में इन दोनों निगमों का कोई मुकाबला नहीं है। प्रदेश में लगातार चार वर्षों से बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई, उल्टा एग्रो इंडस्ट्रीज के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ बिजली की दरों में कटौती की गई है, 50 यूनिट तक 2 रुपये प्रति यूनिट व 51 से 100 यूनिट तक 2.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
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इसके बावजूद दोनों निगमों का इस वित्त वर्ष का शुद्ध लाभ 331 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कोरोना संक्रमण काल में प्रदेश के सरकारी विभाग के कर्मचारियों को प्रति माह मिलने वाले वेतन में विलंब हो रहा है लेकिन प्रदेश के बिजली वितरण निगमों के कर्मचारियों को पहली तारीख को ही वेतन मिल रहा है।
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इतना ही नहीं यदि किसी माह की पहली तारीख को अवकाश है तो निगम के कर्मचारियों को एक दिन पहले ही वेतन मिल जाता है। प्रदेश के करीब 68 लाख 75 हजार बिजली उपभोक्ताओं को पूरी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

एक जनवरी 2016 को प्रदेश के 105 गांव में 24 घंटे बिजली दी जा रही थी। वहीं अब 4878 गांव 24 घंटे पूरी तरह जगमग हैं। जहां, प्रदेश की बिजली वितरण निगमों का 2015-16 में 30.02 एग्रिगेट ट्रांसमिशन व वाणिज्य लॉस (एटीएण्डसी) था, अब एटीएण्डसी लॉस 17.17 है।


बिजली वितरण निगमों के चेयरमैन शत्रुजीत कपूर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की दृढ इच्छाशक्ति, बेहतरीन दूरदर्शिता व निगमों के इंजीनियर, तकनीकी एवं गैर तकनीकी कर्मचारियों के साथ मिलकर यह उपलब्धि हासिल की है।

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