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Panchkula News: टूटी कौशल्या डैम पाइप लाइन नहीं हुई ठीक, गर्मी में 40 हजार पर गहराएगा पेयजल संकट
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-आठ घंटे के बजाय चलाने पड़ते हैं.. 22 घंटे ट्यूबवेल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर को कौशल्या डैम से पानी अभी नहीं मिलेगा। जिसके चलते गर्मी में शहर के छह सेक्टरों 23, 24, 25, 26, 27, 28 के करीब 40 हजार लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। इन सेक्टरों में लो प्रेशर पानी की समस्या जैसी परेशानियों मार्च के महीने में ही लोगों को सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की इंजीनियरिंग विंग की ओर से तैयार एस्टीमेट को अबतक मंजूरी नहीं मिल पाई है। वहीं नेशनल हाइवे अथॉरिटी से अबतक विभाग अनुमति भी नहीं ले पाया है। ऐसी स्थिति में मई और जून के महीने में इन सेक्टरों में पेयजल की किल्लत और ज्यादा गहरा जाएगी।
नौ माह में एस्टीमेट तैयार, अभी काम शुरू होने की कोई गारंटी नहीं
कौशल्या डैम से जुड़ी पानी की पाइप लाइन अमरावती ब्रीज के पास जुलाई में टूटी थी। नौ का समय बीतने के बाद भी करीब एक हजार मीटर की पाइप लाइन का काम शुरू कराने के नाम पर 7 करोड़ 26 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसकी फाइल इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अधिकारियों की टेबल पर धूल फांक रही है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने में भी समय लग सकता है। वहीं अमरावती का ब्रीज नेशनल हाइवे में आता है। काम शुरू करने के लिए विभाग एनएचएआई से अनुमति लेना पड़ता है। विभाग ने अभी करीब 15 दिन पहले एनएचआईए से अनुमति के लिए पत्र लिखा है।
8 घंटे के बजाया, 22 घंटे चला रहे ट्यूबवेल
कौशल्या डैम से 45 एमएलडी पानी की सप्लाई बंद होने के बाद एचएसवीपी को अभी सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति पूरी करने के लिए लगातार 22 घंटे 200 ट्यूबवेलों को चलाना पड़ रहा है। इससे बिजली की खपत के साथ में जमीनी पानी का ट्यूबवेल दिन और रात दोहन करते हैं। जमीन में पानी रिचार्ज करने का कोई अन्य साधन नहीं बचा है। करीब 40 साल पहले भूजल स्तर 20 फीट होता था, जो अब औसतन 300 फीट तक जा चुका है। अगर छह महीने तक लगातार और पानी का दोहन होता रहा तो जमीनी पानी का स्तर और भी ज्यादा नीचे जा सकता है।
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कौशल्या डैम अमरावती के पास टूटे पाइप लाइन को बदलने के लिए 7.26 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर अप्रूवल के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। वहीं एनएचएआई से अनुमति के लिए एचएसवीपी की ओर से पत्र लिखा गया है। विभाग से एस्टीमेट और एनएचएआई पाइप लाइन डालने की मंजूरी मिलते प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। - सुखदीप, एसडीओ एचएसवीपी।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर को कौशल्या डैम से पानी अभी नहीं मिलेगा। जिसके चलते गर्मी में शहर के छह सेक्टरों 23, 24, 25, 26, 27, 28 के करीब 40 हजार लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। इन सेक्टरों में लो प्रेशर पानी की समस्या जैसी परेशानियों मार्च के महीने में ही लोगों को सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की इंजीनियरिंग विंग की ओर से तैयार एस्टीमेट को अबतक मंजूरी नहीं मिल पाई है। वहीं नेशनल हाइवे अथॉरिटी से अबतक विभाग अनुमति भी नहीं ले पाया है। ऐसी स्थिति में मई और जून के महीने में इन सेक्टरों में पेयजल की किल्लत और ज्यादा गहरा जाएगी।
नौ माह में एस्टीमेट तैयार, अभी काम शुरू होने की कोई गारंटी नहीं
कौशल्या डैम से जुड़ी पानी की पाइप लाइन अमरावती ब्रीज के पास जुलाई में टूटी थी। नौ का समय बीतने के बाद भी करीब एक हजार मीटर की पाइप लाइन का काम शुरू कराने के नाम पर 7 करोड़ 26 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसकी फाइल इंजीनियरिंग विंग के वरिष्ठ अधिकारियों की टेबल पर धूल फांक रही है। टेंडर प्रक्रिया शुरू होने में भी समय लग सकता है। वहीं अमरावती का ब्रीज नेशनल हाइवे में आता है। काम शुरू करने के लिए विभाग एनएचएआई से अनुमति लेना पड़ता है। विभाग ने अभी करीब 15 दिन पहले एनएचआईए से अनुमति के लिए पत्र लिखा है।
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8 घंटे के बजाया, 22 घंटे चला रहे ट्यूबवेल
कौशल्या डैम से 45 एमएलडी पानी की सप्लाई बंद होने के बाद एचएसवीपी को अभी सेक्टरों में पेयजल की आपूर्ति पूरी करने के लिए लगातार 22 घंटे 200 ट्यूबवेलों को चलाना पड़ रहा है। इससे बिजली की खपत के साथ में जमीनी पानी का ट्यूबवेल दिन और रात दोहन करते हैं। जमीन में पानी रिचार्ज करने का कोई अन्य साधन नहीं बचा है। करीब 40 साल पहले भूजल स्तर 20 फीट होता था, जो अब औसतन 300 फीट तक जा चुका है। अगर छह महीने तक लगातार और पानी का दोहन होता रहा तो जमीनी पानी का स्तर और भी ज्यादा नीचे जा सकता है।
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कौशल्या डैम अमरावती के पास टूटे पाइप लाइन को बदलने के लिए 7.26 करोड़ का एस्टीमेट तैयार कर अप्रूवल के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है। वहीं एनएचएआई से अनुमति के लिए एचएसवीपी की ओर से पत्र लिखा गया है। विभाग से एस्टीमेट और एनएचएआई पाइप लाइन डालने की मंजूरी मिलते प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। - सुखदीप, एसडीओ एचएसवीपी।