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Panchkula News: पानी की बदली पाइन लाइन लगी फटने, फिर हुई पानी की समस्या
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। माहभर पहले जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बदली गई पानी की लाइनों को लेकर ग्रामीणों ने भष्ट्राचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बदली गई पानी की पाइप घटिया क्वालिटी की हैं। इसके चलते ग्रामीणों को मानसिक परेशानी हो रही है। घटिया क्वालिटी के पाइप लगाकर न तो ज्यादा समय तक लोगों को लाभ मिलेगा और न ही पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा। रमेश कुमार, लेखराज, नारदा देवी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
दरअसल धारला पंचायत के कंडेरन गांव में पानी के समाधान के लिए पाइप बदली गई थी। करीब एक किलोमीटर तक पानी के पाइपों को तीन इंच लाइन में बदला गया था। इसमें 150 से अधिक पानी की पाइपों को बदला गया, जोकि ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बदलवाई गई पानी की यह पाइप जगह-जगह से फटने लगी है। इसके चलते रोजाना हजारों लीटर साफ पानी बर्बाद हो रहा है। ग्रामीण पानी और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भटकने को मजबूर हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते कंडेरन गांव के अलावा साथ लगते अन्य गांवों में पानी की किल्लत पैदा हो गई है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है।
नही होती सुनवाई
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। हर बार टाल-मटोल किया जाता है। मोरनी कार्यालय पर अधिकारियों की उपस्थिती न के बराबर होती है। - उषा रानी, गांव मोहड़ी
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पोर्टल पर भी नही समाधान
मामले की शिकायत आनलाइन भी की गई। बावजूद कोई समाधान नहीं हो सका। पानी की लाइनें घटिया क्वालिटी की होने के कारण रोजाना पानी बर्बाद हो रहा है। गांव में पेयजल के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं। - बलदेव सिंह, गांव कंडरेन
जनता और सरकार दोनों को चूना
घटिया क्वालिटी के पाइप लगाकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जनता और सरकार दोनों को चूना लगाने का काम कर रहे हैं। सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। - ईश्वर सिंह
समस्या का समाधान हो
गर्मियों में पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। विभाग द्वारा इन दिनों में जनता को परेशान किया जाता है। कंडेरन गांव को लेकर भी ऐसा ही है। पानी की लाइनों की जांच हो ओर जल्द समाधान हो। - सुखविंद्र कौर ग्रहणी।
ग्रामीणों के आरोपों की जांच होगी। फिलहाल जल्द से जल्द पानी की बर्बादी को रोकने का काम किया जाएगा। फील्ड के अधिकारियों से फिडबैक लूंगा। -सुनील शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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मोरनी। माहभर पहले जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बदली गई पानी की लाइनों को लेकर ग्रामीणों ने भष्ट्राचार के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बदली गई पानी की पाइप घटिया क्वालिटी की हैं। इसके चलते ग्रामीणों को मानसिक परेशानी हो रही है। घटिया क्वालिटी के पाइप लगाकर न तो ज्यादा समय तक लोगों को लाभ मिलेगा और न ही पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा। रमेश कुमार, लेखराज, नारदा देवी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
दरअसल धारला पंचायत के कंडेरन गांव में पानी के समाधान के लिए पाइप बदली गई थी। करीब एक किलोमीटर तक पानी के पाइपों को तीन इंच लाइन में बदला गया था। इसमें 150 से अधिक पानी की पाइपों को बदला गया, जोकि ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बदलवाई गई पानी की यह पाइप जगह-जगह से फटने लगी है। इसके चलते रोजाना हजारों लीटर साफ पानी बर्बाद हो रहा है। ग्रामीण पानी और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भटकने को मजबूर हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते कंडेरन गांव के अलावा साथ लगते अन्य गांवों में पानी की किल्लत पैदा हो गई है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति रोष है।
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नही होती सुनवाई
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते। हर बार टाल-मटोल किया जाता है। मोरनी कार्यालय पर अधिकारियों की उपस्थिती न के बराबर होती है। - उषा रानी, गांव मोहड़ी
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पोर्टल पर भी नही समाधान
मामले की शिकायत आनलाइन भी की गई। बावजूद कोई समाधान नहीं हो सका। पानी की लाइनें घटिया क्वालिटी की होने के कारण रोजाना पानी बर्बाद हो रहा है। गांव में पेयजल के लिए लोग भटकने को मजबूर हैं। - बलदेव सिंह, गांव कंडरेन
जनता और सरकार दोनों को चूना
घटिया क्वालिटी के पाइप लगाकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जनता और सरकार दोनों को चूना लगाने का काम कर रहे हैं। सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। - ईश्वर सिंह
समस्या का समाधान हो
गर्मियों में पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। विभाग द्वारा इन दिनों में जनता को परेशान किया जाता है। कंडेरन गांव को लेकर भी ऐसा ही है। पानी की लाइनों की जांच हो ओर जल्द समाधान हो। - सुखविंद्र कौर ग्रहणी।
ग्रामीणों के आरोपों की जांच होगी। फिलहाल जल्द से जल्द पानी की बर्बादी को रोकने का काम किया जाएगा। फील्ड के अधिकारियों से फिडबैक लूंगा। -सुनील शर्मा, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग