{"_id":"6271770e97223b781c6d6a5a","slug":"phoolka-appeals-to-farmers-to-save-their-land-panchkula-news-pkl4495280187","type":"story","status":"publish","title_hn":"फूलका ने किसानों से की अपनी जमीन बचाने की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फूलका ने किसानों से की अपनी जमीन बचाने की अपील
विज्ञापन
चंडीगढ़। जाने-माने वकील और आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक एचएस फूलका ने कहा है कि किसानों को खुद ही अपनी जमीन बचानी होगी और उन्हें किसी सरकार के भरोसे नहीं बैठना चाहिए।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में फूलका ने राज्य सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने के एलान के बाद, भूजल को बचाने के उद्देश्य से ‘मेरी जमीन, मेरी जिम्मेदारी’ नामक मुहिम की शुरुआत की। फूलका ने कहा कि यह मुहिम धान की पैदावार के लिए चावल की सीधी बिजाई को एनारोबिक सीडिंग आफ राइस विधि से बदलने की है। इससे भूजल की व्यापक मात्रा में बचत होती है। वहीं, एनारोबिक सीडिंग आफ राइस विधि के उलट नई विधि के बिजाई करने पर न तो ज्यादा खर्च आता है और न ही अधिक श्रम की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने कहा कि धान के कारण पंजाब को साल भर में मिलने वाले पानी से दोगुना पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिस कारण पंजाब तेजी से बंजर होता जा रहा है। उन्होंने किसानों से कहा- आपकी जमीनों को बंजर होने से बचाने के लिए सरकारें आगे नहीं आएंगी, आपको अपनी जमीन बचाने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इसी लिए मेरी जमीन, मेरी जिम्मेदारी मुहिम शुरू की जा रही है।
विज्ञापन
फूलका ने विदेश में बैठे पंजाबियों को भी अपने-अपने गांवों की जमीनें बचाने की अपील करते हुए कहा कि जिन किसानों को उन्होंने अपनी जमीन ठेके पर दी है, उन्हें 50 डॉलर यानी करीब 3800 रुपये के ठेके में छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि सीधी बिजाई करने पर सरकार 1500 रुपये देगी जबकि यह विधि अपनाकर किसान 6000 रुपये की मजदूरी और अन्य खर्चों की बचत कर सकेंगे। इससे दो-तीन साल में धरती के नीचे का जल स्तर फिर से ठीक हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में धान की सीधी बिजाई को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने का एलान किया है।
विज्ञापन
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में फूलका ने राज्य सरकार द्वारा धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने के एलान के बाद, भूजल को बचाने के उद्देश्य से ‘मेरी जमीन, मेरी जिम्मेदारी’ नामक मुहिम की शुरुआत की। फूलका ने कहा कि यह मुहिम धान की पैदावार के लिए चावल की सीधी बिजाई को एनारोबिक सीडिंग आफ राइस विधि से बदलने की है। इससे भूजल की व्यापक मात्रा में बचत होती है। वहीं, एनारोबिक सीडिंग आफ राइस विधि के उलट नई विधि के बिजाई करने पर न तो ज्यादा खर्च आता है और न ही अधिक श्रम की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि धान के कारण पंजाब को साल भर में मिलने वाले पानी से दोगुना पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है, जिस कारण पंजाब तेजी से बंजर होता जा रहा है। उन्होंने किसानों से कहा- आपकी जमीनों को बंजर होने से बचाने के लिए सरकारें आगे नहीं आएंगी, आपको अपनी जमीन बचाने के लिए आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि इसी लिए मेरी जमीन, मेरी जिम्मेदारी मुहिम शुरू की जा रही है।
विज्ञापन
फूलका ने विदेश में बैठे पंजाबियों को भी अपने-अपने गांवों की जमीनें बचाने की अपील करते हुए कहा कि जिन किसानों को उन्होंने अपनी जमीन ठेके पर दी है, उन्हें 50 डॉलर यानी करीब 3800 रुपये के ठेके में छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि सीधी बिजाई करने पर सरकार 1500 रुपये देगी जबकि यह विधि अपनाकर किसान 6000 रुपये की मजदूरी और अन्य खर्चों की बचत कर सकेंगे। इससे दो-तीन साल में धरती के नीचे का जल स्तर फिर से ठीक हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य में धान की सीधी बिजाई को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने का एलान किया है।