फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Pay attention sir... doctors prescribe expensive medicines in small prescriptions

रियलिटी चेक: डॉक्टर मरीजों को महंगी दवाएं पर्ची पर लिख रहे, मरीज हो रहे परेशान

Tue, 02 Aug 2022 02:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 02:00 AM IST
विज्ञापन
Pay attention sir... doctors prescribe expensive medicines in small prescriptions
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर मरीजों को बाहर से दवा खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। डॉक्टर दवा पर्ची में नहीं लिखकर छोटी पर्ची में लिखकर देते हैं। इसके बाद लोगों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। अमर उजाला ने सोमवार को सेक्टर-6 सिविल अस्पताल का रियलिटी चेक किया तो यह बात सामने आई। इसके अलावा इंजेक्शन रूम में खड़े मरीजों को रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं मिले। इस कारण लोगों को बाहर से इंजेक्शन लाकर लगवाना पड़ रहा है। अभयपुर से आए कमल किशोर ने बताया कि वह उन्हें कुत्ते ने काट लिया है। वह रूम नंबर -104 में रेबीज का इंजेक्शन लगवाने गए। उन्हें यह इंजेक्शन नहीं मिला। बाहर से दवा लाकर उन्हें लगवानी पड़ी।
विज्ञापन

केस नंबर-1
रायपुरखुर्द के रहने वाले सोनू सिंह ने बताया कि वह पंचकूला जा रहे थे। तभी उनका रास्ते में एक्सीडेंट हो गया। उनके पैर में गंभीर चोट आई। चोट लगने के बाद जब वह इलाज के लिए अस्पताल आए तो उनके पैर में प्लास्टर के लिए पट्टी डॉक्टरों ने बाहर से मंगवाई। वहीं एंटीबायोटिक दवा उन्हें बाहर से खरीदने के लिए छोटी पर्ची लिखकर दी गई। यह दवा बाजार से 1000 रुपये में खरीदनी पड़ी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है। इस कारण परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

केस नंबर- 2
इलाज कराने आए सौरभ दीवान ने बताया कि उनके पैर में चोट लग गई थी। वह इलाज के लिए अस्पताल आए। अस्पताल आने के बाद डॉक्टरों ने बाहर से दवा मंगवाई। इस दौरान उन्हें 900 रुपये की दवा बाहर से लानी पड़ी। स्किन की समस्या होने की दवा भी उन्हें बाहर से लानी पड़ी। सरकारी अस्पताल के दवाखाना में दवा उपलब्ध नहीं मिली। इस कारण उन्हें चोट लगने और स्किन की समस्या होने के बाद अधिक पैसे खर्च करने पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस नंबर-3
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में इलाज कराने आई शारदा देवी ने बताया कि उन्हें एलर्जी की दवा दी गई। अन्य दवा उन्हें बाहर से खरीदनी पड़ी। इस कारण उनको भी परेशानी हुई है।

कोट
सिविल अस्पताल में जो भी डॉक्टर बाहर की दवा लिखते हैं इसकी जांच करवाई जाएगी। अस्पताल में सभी दवाओं के स्टाक को पूरा किया जाएगा। रेबीज सहित अन्य बीमारियों के इंजेक्शन को जल्द ही स्टाक किया जाएगा। -राजीव कपूर, पीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed