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Panchkula News: कंटीले तार, जाली और पौधों की दीवार खड़ी कर बनाया पार्क, एचएसवीपी ने की कार्रवाई
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पूरी तरह कब्जा हटाने और पार्क में लगे मकानों के गेट बंद करने के लिए दिया तीन दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अतिक्रमण हटाने निकली एचएसवीपी की टीम उस समय हैरान रह गई, जब सेक्टर-16 में बेल फैक्टरी के सामने बने एक पार्क के पास पहुंचे। पार्क को कंटीली तारों और पेड़-पौधों की दीवार बनाकर चार हिस्सों में बांटा गया था। साथ लगते मकान मालिकों ने पार्क की तरफ गेट लगा रखे थे। एक मकान के साथ तो पार्क में लकड़ी की एक हट बना रखी है, जिसमें पंखा और फैंसी कुर्सियां लगी हैं। धानिया और पुदीना भी पार्क में लगा रखा था। यह सब देखकर एचएसवीपी अधिकारी भी हैरान रह गए। करीब डेढ़ घंटा मशक्कत करने के बाद एचएसवीपी की टीम पार्क के अंदर लगी जालियों को फौरी तौर पर हटाया। पार्क में टहलने के लिए अभी तक रास्ता बहाल नहीं हो पाया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैय्यर ने बताया याचिका में कहा गया था कि अतिक्रमण के कारण शहर के रास्ते संकरे हो गए हैं और हादसे होने का डर बना रहता है। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने एचएसवीपी को शहर में मकानों के साथ ग्रिल लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। उसी के तहत शुक्रवार को टीम शाम 5 बजे जेई त्रिलोक ठुकराल, जेई जयबीर सिंह और जेई हरजीत सिंह के नेतृत्व में सेक्टर-15 में पहुंची। वहां करीब 10 मकानों के साथ किए गए अतिक्रमण को हटाया। उसके बाद टीम सेक्टर-16 में पहुंची। वहां टीम ने एक पार्क पर कब्जा देखा। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। शहर की सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन ने अतिक्रमण को लेकर हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
पार्क में जाने का नहीं कोई रास्ता
एचएसवीपी के अधिकारी पार्क के पास पहुंचे तो उन्हें पार्क में अंदर जाने का कोई रास्ता ही नहीं मिला। साथ लगते मकानों के अंदर से पार्क में गए। पार्क के साथ लगते चार मकान पार्क को निजी गार्डन के तौर पर प्रयोग कर रहे थे। वहीं पानी की टोंटी और कुर्सियां लगा रखी थी। पार्क के एक हिस्से में सब्जियां भी लगाई गई थी। जब एचएसवीपी की टीम ने कार्रवाई शुरू की तो साथ बने मकान मालिकों ने कहा कि पार्क में असामाजिक तत्व आते हैं, इसलिए गेटों को बंद किया गया है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि सरकारी पार्क को बगीचे की तरह प्रयोग करना अपराध है। इसका अधिकार किसी को नहीं है। इसके बाद टीम ने तारों को काटकर जालियों को हटाया। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जिम्मेवारी एचएसवीपी ने नगर निगम के अधिकारियों को सौंपी।
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पार्क पर कब्जा हटाने के लिए टीम को भेजा गया था। टीम ने वहां कार्रवाई कर जालियां और कंटीली तारों को हटाया है। पार्क की देखरेख की जिम्मेवारी नगर निगम की है। जिन लोगों ने पार्क में मकानों के गेट लगा रखे हैं, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। - मानव मलिक, ईओ पंचकूला, एचएसवीपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। अतिक्रमण हटाने निकली एचएसवीपी की टीम उस समय हैरान रह गई, जब सेक्टर-16 में बेल फैक्टरी के सामने बने एक पार्क के पास पहुंचे। पार्क को कंटीली तारों और पेड़-पौधों की दीवार बनाकर चार हिस्सों में बांटा गया था। साथ लगते मकान मालिकों ने पार्क की तरफ गेट लगा रखे थे। एक मकान के साथ तो पार्क में लकड़ी की एक हट बना रखी है, जिसमें पंखा और फैंसी कुर्सियां लगी हैं। धानिया और पुदीना भी पार्क में लगा रखा था। यह सब देखकर एचएसवीपी अधिकारी भी हैरान रह गए। करीब डेढ़ घंटा मशक्कत करने के बाद एचएसवीपी की टीम पार्क के अंदर लगी जालियों को फौरी तौर पर हटाया। पार्क में टहलने के लिए अभी तक रास्ता बहाल नहीं हो पाया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके नैय्यर ने बताया याचिका में कहा गया था कि अतिक्रमण के कारण शहर के रास्ते संकरे हो गए हैं और हादसे होने का डर बना रहता है। इसी को लेकर हाईकोर्ट ने एचएसवीपी को शहर में मकानों के साथ ग्रिल लगाकर किए गए अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। उसी के तहत शुक्रवार को टीम शाम 5 बजे जेई त्रिलोक ठुकराल, जेई जयबीर सिंह और जेई हरजीत सिंह के नेतृत्व में सेक्टर-15 में पहुंची। वहां करीब 10 मकानों के साथ किए गए अतिक्रमण को हटाया। उसके बाद टीम सेक्टर-16 में पहुंची। वहां टीम ने एक पार्क पर कब्जा देखा। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। शहर की सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन ने अतिक्रमण को लेकर हरियाणा पंजाब हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
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पार्क में जाने का नहीं कोई रास्ता
एचएसवीपी के अधिकारी पार्क के पास पहुंचे तो उन्हें पार्क में अंदर जाने का कोई रास्ता ही नहीं मिला। साथ लगते मकानों के अंदर से पार्क में गए। पार्क के साथ लगते चार मकान पार्क को निजी गार्डन के तौर पर प्रयोग कर रहे थे। वहीं पानी की टोंटी और कुर्सियां लगा रखी थी। पार्क के एक हिस्से में सब्जियां भी लगाई गई थी। जब एचएसवीपी की टीम ने कार्रवाई शुरू की तो साथ बने मकान मालिकों ने कहा कि पार्क में असामाजिक तत्व आते हैं, इसलिए गेटों को बंद किया गया है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि सरकारी पार्क को बगीचे की तरह प्रयोग करना अपराध है। इसका अधिकार किसी को नहीं है। इसके बाद टीम ने तारों को काटकर जालियों को हटाया। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जिम्मेवारी एचएसवीपी ने नगर निगम के अधिकारियों को सौंपी।
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पार्क पर कब्जा हटाने के लिए टीम को भेजा गया था। टीम ने वहां कार्रवाई कर जालियां और कंटीली तारों को हटाया है। पार्क की देखरेख की जिम्मेवारी नगर निगम की है। जिन लोगों ने पार्क में मकानों के गेट लगा रखे हैं, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। - मानव मलिक, ईओ पंचकूला, एचएसवीपी