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एचएमटी को बचाने के लिए एक बैनर के नीचे आए कई नेता
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Tue, 22 Mar 2016 02:11 AM IST
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एचएमटी फैक्टरी को बचाने और कर्मचारियों को बकाया वेतन दिलाने के लिए अब स्थानीय लोग ही नहीं कई पार्टी के नेता भी एकजुट हो गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर पिंजौर में सोमवार को एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एक बैठक हुई।
जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा कांग्रेस, इनेलो, हजकां, दून, रायतन क्षेत्र के सरपंच, पार्षद और एचएमटी कार्मिक संघ के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि वह एचएमटी कंपनी को चलाने और कर्मचारियों को बकाया वेतन देने की दो मांगों को लेकर 29 मार्च को फैक्टरी से हरियाणा विधानसभा तक पैदल मार्च करेंगे।
यह मार्च सुबह साढ़े 8 बजे एचएमटी आवासीय परिसर से शुरू होगा, जो ओल्ड पंचकूला, माजरी चौक, पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों से होते हुए हाउसिंग बोर्ड मनीमाजरा पहुंचेगा। इसके बाद विधानसभा जाएगा। बैठक में पूर्व पार्षद गुरचरण धीमान, पूर्व पार्षद जगमोहन धीमान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नरेश मान, महावीर चहल के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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कोट्स
एचएमटी क्षेत्र की जीवन रेखा है, जिस के बलबूते पर कई छोटे लघु उद्योग चल रहे हैं और लाखों लोगों की रोजी रोटी चल रही है। कंपनी में अभी भी विश्वस्तरीय ट्रैक्टर बनाने की क्षमता है, लेकिन एक तरफ भाजपा सरकार मेक इन इंडिया और स्किल डेवलपमेंट की बात कर रही है, वहीं चल रही कंपनी को बंद किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोग एकजुट हो चुके हैं।
- विजय बंसल, अध्यक्ष शिवालिक विकास मंच
सरकार इस क्षेत्र को उजाड़ने पर तुली है। पहले एसीसी सीमेंट फैक्टरी बंद हो चुकी है और अब एचएमटी कंपनी को बंद किया जा रहा है। सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं। एक तरफ तो सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी को बंद किया जा रहा है। मोदी ने चुनावों से पहले कहा था कि एचएमटी कंपनी को चलाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। वहीं चुनावी वादे के विपरीत कंपनी को बंद किया जा रहा है। कंपनी को बचाने के लिए संघर्ष करो और एकजुटता दिखाओ।
प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष इनेलो
दो वर्षों से कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है, लेकिन सैलरी मिलने की आस में कर्मचारी अब तक चुप बैठे रहे। परंतु सब समय आ गया है कि एकजुट हो कर संघर्ष करें। और एचएमटी को बचाने कि मुहिम में सभी अपने आप को लीडर समझते हुए इस लड़ाई को जीतें।
मनवीर कौर गिल, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री
एचएमटी कंपनी हमारी मां के समान है जिसने हम रोजी रोटी दी और जिस के बलबूते पर शहर के हजारों परिवार चल रहे हैं उसे हम बंद नहीं होने देंगे। हम कंपनी बचाने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी को आपसी मतभेद भुला कर एकजुट हो कर 27 मार्च को रैली का हिस्सा बनना है। सरकार को अपनी ताकत दिखानी है कि हम कमजोर नहीं हैं।
बलवान ठाकुर, वरिष्ठ हजकां नेता
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जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा कांग्रेस, इनेलो, हजकां, दून, रायतन क्षेत्र के सरपंच, पार्षद और एचएमटी कार्मिक संघ के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि वह एचएमटी कंपनी को चलाने और कर्मचारियों को बकाया वेतन देने की दो मांगों को लेकर 29 मार्च को फैक्टरी से हरियाणा विधानसभा तक पैदल मार्च करेंगे।
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यह मार्च सुबह साढ़े 8 बजे एचएमटी आवासीय परिसर से शुरू होगा, जो ओल्ड पंचकूला, माजरी चौक, पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों से होते हुए हाउसिंग बोर्ड मनीमाजरा पहुंचेगा। इसके बाद विधानसभा जाएगा। बैठक में पूर्व पार्षद गुरचरण धीमान, पूर्व पार्षद जगमोहन धीमान, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नरेश मान, महावीर चहल के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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एचएमटी क्षेत्र की जीवन रेखा है, जिस के बलबूते पर कई छोटे लघु उद्योग चल रहे हैं और लाखों लोगों की रोजी रोटी चल रही है। कंपनी में अभी भी विश्वस्तरीय ट्रैक्टर बनाने की क्षमता है, लेकिन एक तरफ भाजपा सरकार मेक इन इंडिया और स्किल डेवलपमेंट की बात कर रही है, वहीं चल रही कंपनी को बंद किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ स्थानीय लोग एकजुट हो चुके हैं।
- विजय बंसल, अध्यक्ष शिवालिक विकास मंच
सरकार इस क्षेत्र को उजाड़ने पर तुली है। पहले एसीसी सीमेंट फैक्टरी बंद हो चुकी है और अब एचएमटी कंपनी को बंद किया जा रहा है। सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं। एक तरफ तो सरकार युवाओं को रोजगार देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी को बंद किया जा रहा है। मोदी ने चुनावों से पहले कहा था कि एचएमटी कंपनी को चलाना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। वहीं चुनावी वादे के विपरीत कंपनी को बंद किया जा रहा है। कंपनी को बचाने के लिए संघर्ष करो और एकजुटता दिखाओ।
प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष इनेलो
दो वर्षों से कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है, लेकिन सैलरी मिलने की आस में कर्मचारी अब तक चुप बैठे रहे। परंतु सब समय आ गया है कि एकजुट हो कर संघर्ष करें। और एचएमटी को बचाने कि मुहिम में सभी अपने आप को लीडर समझते हुए इस लड़ाई को जीतें।
मनवीर कौर गिल, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री
एचएमटी कंपनी हमारी मां के समान है जिसने हम रोजी रोटी दी और जिस के बलबूते पर शहर के हजारों परिवार चल रहे हैं उसे हम बंद नहीं होने देंगे। हम कंपनी बचाने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी को आपसी मतभेद भुला कर एकजुट हो कर 27 मार्च को रैली का हिस्सा बनना है। सरकार को अपनी ताकत दिखानी है कि हम कमजोर नहीं हैं।
बलवान ठाकुर, वरिष्ठ हजकां नेता