{"_id":"56e98c0c4f1c1b4d6b8b4631","slug":"panchkula-buffalo-sold-into-a-lavatory","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचकूला के दूधगढ़ गांव में भैंस बेच कर बना डाला शौचालय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचकूला के दूधगढ़ गांव में भैंस बेच कर बना डाला शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला।
Updated Thu, 17 Mar 2016 05:59 PM IST
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टॉयलट
- फोटो : getty images
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जिले के सभी गांवों को 15 अप्रैल तक शौच मुक्त बनाने के प्रशासन के अभियान अब रंग लाने लगा है। खंड मोरनी के गांव दूधगढ़ के निवासी सुभाष ने अपनी भैंस बेचकर शौचालय बनाने का कार्य शुरू कर दिया।
सुभाष पुत्र झंडूराम ने बताया कि वे पेशे से ड्राइवर हैं। उनके घर में पत्नी, एक लड़का व चाचा सहित चार सदस्य हैं। उन्होंने करीब एक माह पहले 40 हजार रुपये की भैंस खरीदी थी। लेकिन घर में शौचालय की जरूरत महसूस हुई तो शौचालय का निर्माण करवाना जरूरी समझा, इसलिए भैंस को 35 हजार रुपये में बेच दिया तथा शौचालय का निर्माण शुरू करवा दिया।
उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने शौचालय के लिए गड्ढा खोद लिया है तथा शौचालय निर्माण के लिए ईंट व सीमेंट खरीद ली हैं तथा कल से चिनाई का कार्य शुरू हो जाएगा। पंचकूला के उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने सुभाष के शौचालय बनाने के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने अपने परिवार और गांववासियों के बेहतर स्वास्थ्य व महिलाओं की इज्जत की रक्षा का जो निर्णय लिया वह एक अनूठा उदाहरण है।
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सुभाष पुत्र झंडूराम ने बताया कि वे पेशे से ड्राइवर हैं। उनके घर में पत्नी, एक लड़का व चाचा सहित चार सदस्य हैं। उन्होंने करीब एक माह पहले 40 हजार रुपये की भैंस खरीदी थी। लेकिन घर में शौचालय की जरूरत महसूस हुई तो शौचालय का निर्माण करवाना जरूरी समझा, इसलिए भैंस को 35 हजार रुपये में बेच दिया तथा शौचालय का निर्माण शुरू करवा दिया।
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उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने शौचालय के लिए गड्ढा खोद लिया है तथा शौचालय निर्माण के लिए ईंट व सीमेंट खरीद ली हैं तथा कल से चिनाई का कार्य शुरू हो जाएगा। पंचकूला के उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने सुभाष के शौचालय बनाने के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने अपने परिवार और गांववासियों के बेहतर स्वास्थ्य व महिलाओं की इज्जत की रक्षा का जो निर्णय लिया वह एक अनूठा उदाहरण है।
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