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नाराजगी : पेड पार्किंग को लेकर आरडब्ल्यूए लामबंद, निगम आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
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पंचकूला। सेक्टर-20 मार्केट में पेड पार्किंग का फैसला अनुचित है। इस फैसले को नगर निगम तत्काल वापस ले। इससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा। यह मांग सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के शिष्टमंडल ने निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर की है। शिष्टमंडल के साथ आरडब्ल्यूडी के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा, महासचिव अविनाश मलिक, संयुक्त सचिव केके जेटली, कार्यकारी सदस्य अनिल बिहानी मौजूद रहे।
शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने बताया कि निगम सेक्टर-20 में पेड पार्किंग की व्यवस्था करने की योजना तैयार कर रहा है। इस योजना पर स्थानीय लोग कितने सहमत हैं इसके लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसकी कॉपी भी निगम आयुक्त को सौंपी गई। इस कॉपी पर करीब 50 से 60 सोसायटी के साइन हैं। आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने बताया कि सेक्टर-20 की करीब 45 हजार आबादी है। 111 सोसाइटी हैं। दो प्राइवेट बिल्डर की सोसायटी है। सनसिटी में 1160 फ्लैट और पार्श्वनाथ में 8 टॉवर हैं। इनमें 300 से 400 फ्लैट हैं। एक आशियाना है, जिसमें 1160 फ्लैट हैं। एक मरले के हाउसिंग फ्लैट हैं और दो गांव फतेपुर और कुंडी है, जिसमें करीब 5000 के आसपास लोग रहते हैं। पंचकूला में इतना बड़ा दूसरा कोई सेक्टर नहीं है। लेकिन, सुविधा के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है।
सड़कें टूटी, लावारिस पशुओं की भरमार
सेक्टर-20 की अधिकांश सड़कों को बुरा हाल है। लावारिस पशुओं की भरमार है। कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। बरसाती पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। फुटपाथ पर रेहड़ी फड़ी वालों का कब्जा है। डिस्पेंसरी में सुविधाओं की कमी है। जीएच-38 के पीछे कई सालों से पानी इकट्ठा होता है। इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। सेक्टर की मार्केट में सफाई का उचित प्रबंध नहीं है। जब शिकायत की जाती है तो एचएसवीपी और नगर निगम के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप देते हैं।
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सेक्टर में एक मंदिर लेकिन पार्किंग की सुविधा नहीं
सेक्टर-20 में एक मंदिर है। वहां आज तक पार्किंग की सुविधा नहीं है। किसी भी सेक्टर के अंदर पेड पार्किंग नहीं है। निगम को सिर्फ सेक्टर-20 ही नजर आ रहा है। जब सेक्टर की सोसायटी अलॉट हुई थी एचएसवीपी ने विकास के नाम पर कॉमन एरिया में पार्क, रोड, डिस्पेंसरी, पार्किंग के पैसे से लिए थे। एन्हांसमेंट के नाम पर पूरे सेक्टर को लूटा गया। उन्होंने मांग की है कि पेड पार्किंग फैसले को तत्काल वापस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संघर्ष किया जाएगा।
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शिष्टमंडल में शामिल सदस्यों ने बताया कि निगम सेक्टर-20 में पेड पार्किंग की व्यवस्था करने की योजना तैयार कर रहा है। इस योजना पर स्थानीय लोग कितने सहमत हैं इसके लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसकी कॉपी भी निगम आयुक्त को सौंपी गई। इस कॉपी पर करीब 50 से 60 सोसायटी के साइन हैं। आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने बताया कि सेक्टर-20 की करीब 45 हजार आबादी है। 111 सोसाइटी हैं। दो प्राइवेट बिल्डर की सोसायटी है। सनसिटी में 1160 फ्लैट और पार्श्वनाथ में 8 टॉवर हैं। इनमें 300 से 400 फ्लैट हैं। एक आशियाना है, जिसमें 1160 फ्लैट हैं। एक मरले के हाउसिंग फ्लैट हैं और दो गांव फतेपुर और कुंडी है, जिसमें करीब 5000 के आसपास लोग रहते हैं। पंचकूला में इतना बड़ा दूसरा कोई सेक्टर नहीं है। लेकिन, सुविधा के मामले में बहुत पिछड़ा हुआ है।
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सड़कें टूटी, लावारिस पशुओं की भरमार
सेक्टर-20 की अधिकांश सड़कों को बुरा हाल है। लावारिस पशुओं की भरमार है। कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। बरसाती पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। फुटपाथ पर रेहड़ी फड़ी वालों का कब्जा है। डिस्पेंसरी में सुविधाओं की कमी है। जीएच-38 के पीछे कई सालों से पानी इकट्ठा होता है। इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। सेक्टर की मार्केट में सफाई का उचित प्रबंध नहीं है। जब शिकायत की जाती है तो एचएसवीपी और नगर निगम के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोप देते हैं।
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सेक्टर में एक मंदिर लेकिन पार्किंग की सुविधा नहीं
सेक्टर-20 में एक मंदिर है। वहां आज तक पार्किंग की सुविधा नहीं है। किसी भी सेक्टर के अंदर पेड पार्किंग नहीं है। निगम को सिर्फ सेक्टर-20 ही नजर आ रहा है। जब सेक्टर की सोसायटी अलॉट हुई थी एचएसवीपी ने विकास के नाम पर कॉमन एरिया में पार्क, रोड, डिस्पेंसरी, पार्किंग के पैसे से लिए थे। एन्हांसमेंट के नाम पर पूरे सेक्टर को लूटा गया। उन्होंने मांग की है कि पेड पार्किंग फैसले को तत्काल वापस लिया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो संघर्ष किया जाएगा।