{"_id":"61f996f96116930f987b9c0b","slug":"opposition-called-the-budget-anti-farmer-bureau-news-pkl4408596185","type":"story","status":"publish","title_hn":"विपक्ष ने बजट को किसान विरोधी बताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विपक्ष ने बजट को किसान विरोधी बताया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। बजट 2022 पर पंजाब में विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने बजट को किसान विरोधी बताया है। चुनावी माहौल में अकाली दल और कांग्रेस ने बजट को सीधे किसानों से जोड़ा है। आम आदमी पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को कुछ न देकर बदला लिया है। भारतीय जनता पार्टी ने बजट की तारीफ करते हुए कहा है कि सहकारिता क्षेत्र में टैक्स के घटने से पंजाब के किसानों को खूब फायदा होगा।
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि उद्योग के कई लाख करोड़ के लोन माफ कर दिए गए, लेकिन खेतीबाड़ी, गरीब और किसानों को बजट में कुछ नहीं दिया गया। कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने बजट को हवा हवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा बजट है, जिसके बारे में न तो सोचा जा सकता है और न ही इसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने इसे कमजोर और नीरस बताया।
पंजाब भाजपा ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गागर में सागर भर दिया। बजट में एक-एक गांव तक बैंकिंग की सेवाएं मिलेंगी। पंजाब पर सीधा असर डालने वाले सहकारिता पर कम से कम टैक्स 18.50 प्रतिशत था और कंपनियों पर 15 प्रतिशत था, अब इसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सहकारिता क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट आएगी। किसानों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
वहीं आप पंजाब के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने केंद्रीय बजट को महज आंकड़ों का मायाजाल बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नजरअंदाज किया गया है। बजट से गरीब, नौकरी पेशा और मध्यम वर्ग और किसानों की जेब खाली रहने के साथ-साथ युवाओं को भी निराश किया है। मान ने कहा कि अपने कॉरपोरेट मित्रों पर मेहरबान भाजपा ने बजट में पंजाब और देश के किसानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। किसानों को विशेष पैकेज न देना केंद्र की मोदी सरकार की बदले की भावना का प्रमाण है। केंद्रीय बजट में सरकारी नौकरियों की घोषणा की आलोचना करते हुए भगवंत मान ने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार भारत की सरकारी कंपनियों को बेच रही है, दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार देने की बात करती है। हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली भाजपा अब केवल 60 लाख नौकरियों में सिमट कर रह गई है।
विज्ञापन
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि उद्योग के कई लाख करोड़ के लोन माफ कर दिए गए, लेकिन खेतीबाड़ी, गरीब और किसानों को बजट में कुछ नहीं दिया गया। कांग्रेस के सांसद मनीष तिवारी ने बजट को हवा हवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसा बजट है, जिसके बारे में न तो सोचा जा सकता है और न ही इसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने इसे कमजोर और नीरस बताया।
विज्ञापन
पंजाब भाजपा ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गागर में सागर भर दिया। बजट में एक-एक गांव तक बैंकिंग की सेवाएं मिलेंगी। पंजाब पर सीधा असर डालने वाले सहकारिता पर कम से कम टैक्स 18.50 प्रतिशत था और कंपनियों पर 15 प्रतिशत था, अब इसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे सहकारिता क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट आएगी। किसानों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
वहीं आप पंजाब के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने केंद्रीय बजट को महज आंकड़ों का मायाजाल बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को नजरअंदाज किया गया है। बजट से गरीब, नौकरी पेशा और मध्यम वर्ग और किसानों की जेब खाली रहने के साथ-साथ युवाओं को भी निराश किया है। मान ने कहा कि अपने कॉरपोरेट मित्रों पर मेहरबान भाजपा ने बजट में पंजाब और देश के किसानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया है। किसानों को विशेष पैकेज न देना केंद्र की मोदी सरकार की बदले की भावना का प्रमाण है। केंद्रीय बजट में सरकारी नौकरियों की घोषणा की आलोचना करते हुए भगवंत मान ने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार भारत की सरकारी कंपनियों को बेच रही है, दूसरी तरफ युवाओं को रोजगार देने की बात करती है। हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली भाजपा अब केवल 60 लाख नौकरियों में सिमट कर रह गई है।