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Panchkula News: पॉक्सो मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, स्कूलों के प्रिंसिपल-शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
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हरियाणा बाल अधिकार आयोग ने लिया फैसला, शिकायत मिलते ही क्या कार्रवाई करनी है और किसे सूचना देनी है, बताया जाएगा
27 अगस्त से कैथल में होगी शुरुआत, चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों में होगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्कूलों में बच्चों से यौन शोषण से जुड़े मामलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों की अनदेखी या अधूरी जानकारी अब भारी पड़ सकती है। हरियाणा बाल अधिकार आयोग ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जानकारी देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। जिला पंचकूला में भी इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि कई स्कूलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों को पॉक्सो से जुड़े मामलों में कानून और कार्रवाई की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है।
शिकायत मिलते ही क्या करना है, बताया जाएगा
प्रशिक्षण में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक, बीईओ, डीईओ और स्कूलों में गठित पॉक्सो समितियों के सदस्य शामिल होंगे। उन्हें पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के साथ यह भी बताया जाएगा कि शिकायत मिलते ही पहला कदम क्या होना चाहिए, किस अधिकारी या एजेंसी को तत्काल सूचना देनी है और रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया क्या है।
27 अगस्त से कैथल में शुरुआत
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 27 अगस्त से कैथल जिले में होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को शिकायत मिलने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई करने की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी। आयोग का उद्देश्य स्कूलों को अधिक संवेदनशील बनाकर बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त माहौल तैयार करना है।
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27 अगस्त से कैथल में होगी शुरुआत, चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जिलों में होगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्कूलों में बच्चों से यौन शोषण से जुड़े मामलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों की अनदेखी या अधूरी जानकारी अब भारी पड़ सकती है। हरियाणा बाल अधिकार आयोग ने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जानकारी देने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। जिला पंचकूला में भी इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोग की अध्यक्ष तृप्ति हरिपाल श्योराण ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि कई स्कूलों में प्रिंसिपल और शिक्षकों को पॉक्सो से जुड़े मामलों में कानून और कार्रवाई की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है।
शिकायत मिलते ही क्या करना है, बताया जाएगा
प्रशिक्षण में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक, बीईओ, डीईओ और स्कूलों में गठित पॉक्सो समितियों के सदस्य शामिल होंगे। उन्हें पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के साथ यह भी बताया जाएगा कि शिकायत मिलते ही पहला कदम क्या होना चाहिए, किस अधिकारी या एजेंसी को तत्काल सूचना देनी है और रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया क्या है।
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27 अगस्त से कैथल में शुरुआत
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत 27 अगस्त से कैथल जिले में होगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य जिलों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को शिकायत मिलने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई करने की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी। आयोग का उद्देश्य स्कूलों को अधिक संवेदनशील बनाकर बच्चों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त माहौल तैयार करना है।
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