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स्कूल में लौटेने पर मोबाइल किया बैन, वापस मिली लिखने की रफ्तार
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पंचकूला। कोरोना काल में दो साल तक ऑनलाइन कक्षाएं लेने वाले 11वीं के विद्यार्थियों की ऑफलाइन क्लास शुरू होते ही उनकी नई परेशानी शुरू हो गई है। क्लास में थोड़ी देर लिखने के बाद हाथ में दर्द होने लगा। विद्यार्थियों की दिक्कत को परखकर क्लास के शिक्षकों और स्कूल प्रिंसिपल ने लेखन शैली पर काम किया। इसके बाद विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह से मोबाइल बैन कर दिया गया है। साथ ही विद्यार्थियों की ओर से ऑफलाइन परीक्षा दी जा रही है। वहीं स्कूल के प्रिंसिपल की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दें।
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-6 के प्रिंसिपल रजनीश सचदेवा ने बताया कि ऑफलाइन क्लास के दौरान 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की अतिरिक्त क्लास लगाई गई। इसमें उनकी पढ़ाई के सभी विषयों के कांसेप्ट ठीक करवाए गए और विद्यार्थियों की समस्या कम हुई। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की ओर से कई बार विभिन्न विषयों के पाठ पूरे नहीं हो पाते थे। इस कारण उन्हें परेशानी होती थी। इसके अलावा बच्चों को कुछ देर अधिक रोककर लेखन की गति बढ़ाने संबंधी कक्षाएं दी जा रही हैं। छोटे बच्चों की आदतों में सुधार के लिए विषय से जुड़े अध्याय के साथ समाचार पत्र का सहारा लिया है।
ऑफलाइन कक्षाओं का दिख रहा असर
ऑफलाइन कक्षाओं में लेखन के साथ पढ़ाई के साथ लेखनपर ध्यान दिया गया। इसके अलावा विज्ञान की प्रेक्टिकल की गतिविधियां बढ़ाई गईं। नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा प्रेक्टिकल एक्टिविटी नहीं होने की कमी खली थी। अब स्कूलों की लैब में प्रेक्टिकल का समय दिया गया। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली है।
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-रजनीश सचदेवा, प्रिंसिपल, जीएसएसएस-6
लेखन शैली हुई है प्रभावित
ऑनलाइन क्लास लगाने से लिखने की गति सभी विद्यार्थियों की प्रभावित हुई है। इसे लेकर स्कूल अपने स्तर पर हिंदी के साथ अंग्रेजी भाषा लेखन की लग रही विशेष क्लास में विद्यार्थियों को लेखन की बारीकियां सीखा रहा है। लेखन और पढ़ने से जुड़ी गतिविधियों में विद्यार्थियों में काफी सुधार हुआ है। ऑफलाइन क्लास से सभी विद्यार्थी खुश हैं।
-रणदीप सिंह चौहान, भूूगोल, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
लगातार हो रहा है सुधार
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थियों में लगातार सुधार हो रहा है। ऑफलाइन क्लास में विद्यार्थी अपने विषय की तैयारी पूरी कर रहे हैं। उनमें विषय की तैयारी को लेकर किसी प्रकार का कोई दुविधा नहीं रहती है। विद्यार्थियों ने ऑफलाइन की पढ़ाई को अच्छा माध्यम माना है। अब छात्र पढ़ाई करने के बाद इसी माध्यम से परीक्षाएं भी दे रहे हैं।
-पूनम बेरवाल, हिंदी, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
नए सत्र से विशेष ध्यान
ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों के लिखने और पढ़ने की क्षमता पर असर पड़ा है। ऑफलाइन क्लास नए सत्र से शुरू होने के साथ अतिरिक्त कक्षाओं और गतिविधियों के जरिये लेेखन शैली में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। नए सत्र से लेखन और भाषा सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।
-मंजू शर्मा, हिंदी, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
ऑनलाइन से बेहतर है ऑफलाइन क्लास
विद्यार्थियों को स्कूल में ऑनलाइन कक्षाओं के वक्त भी लिखने और पढ़ने का पूरा होमवर्क दिया जाता था। इसके बाद कोरोना काल में घर पर पढ़ाई के दौरान खास अंतर दिखाई दिया। ऑफलाइन क्लास में पढ़ने के दौरान विद्यार्थियों के विषय का कांसेप्ट क्लीयर रहता है। -सुरेश, विद्यार्थी, जीएसएसएस-6
पढ़ाई के दौरान मोबाइल की आदत हुई खत्म
ऑनलाइन क्लास के दौरान विद्यार्थियों की मोबाइल फोन के इस्तेमाल की आदत पड़ गई थी। इससे आंखों में भी परेशानी आने लगी थी। दोबारा ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद परीक्षा की तैयारी करने के बाद एग्जाम दिया है। इससे कोई परेशानी नहीं हुई है।
-अंजली, छात्रा, जीएसएसएस-6
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गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-6 के प्रिंसिपल रजनीश सचदेवा ने बताया कि ऑफलाइन क्लास के दौरान 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की अतिरिक्त क्लास लगाई गई। इसमें उनकी पढ़ाई के सभी विषयों के कांसेप्ट ठीक करवाए गए और विद्यार्थियों की समस्या कम हुई। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की ओर से कई बार विभिन्न विषयों के पाठ पूरे नहीं हो पाते थे। इस कारण उन्हें परेशानी होती थी। इसके अलावा बच्चों को कुछ देर अधिक रोककर लेखन की गति बढ़ाने संबंधी कक्षाएं दी जा रही हैं। छोटे बच्चों की आदतों में सुधार के लिए विषय से जुड़े अध्याय के साथ समाचार पत्र का सहारा लिया है।
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ऑफलाइन कक्षाओं का दिख रहा असर
ऑफलाइन कक्षाओं में लेखन के साथ पढ़ाई के साथ लेखनपर ध्यान दिया गया। इसके अलावा विज्ञान की प्रेक्टिकल की गतिविधियां बढ़ाई गईं। नौवीं से बारहवीं के विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा प्रेक्टिकल एक्टिविटी नहीं होने की कमी खली थी। अब स्कूलों की लैब में प्रेक्टिकल का समय दिया गया। इससे विद्यार्थियों को राहत मिली है।
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-रजनीश सचदेवा, प्रिंसिपल, जीएसएसएस-6
लेखन शैली हुई है प्रभावित
ऑनलाइन क्लास लगाने से लिखने की गति सभी विद्यार्थियों की प्रभावित हुई है। इसे लेकर स्कूल अपने स्तर पर हिंदी के साथ अंग्रेजी भाषा लेखन की लग रही विशेष क्लास में विद्यार्थियों को लेखन की बारीकियां सीखा रहा है। लेखन और पढ़ने से जुड़ी गतिविधियों में विद्यार्थियों में काफी सुधार हुआ है। ऑफलाइन क्लास से सभी विद्यार्थी खुश हैं।
-रणदीप सिंह चौहान, भूूगोल, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
लगातार हो रहा है सुधार
ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने से विद्यार्थियों में लगातार सुधार हो रहा है। ऑफलाइन क्लास में विद्यार्थी अपने विषय की तैयारी पूरी कर रहे हैं। उनमें विषय की तैयारी को लेकर किसी प्रकार का कोई दुविधा नहीं रहती है। विद्यार्थियों ने ऑफलाइन की पढ़ाई को अच्छा माध्यम माना है। अब छात्र पढ़ाई करने के बाद इसी माध्यम से परीक्षाएं भी दे रहे हैं।
-पूनम बेरवाल, हिंदी, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
नए सत्र से विशेष ध्यान
ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों के लिखने और पढ़ने की क्षमता पर असर पड़ा है। ऑफलाइन क्लास नए सत्र से शुरू होने के साथ अतिरिक्त कक्षाओं और गतिविधियों के जरिये लेेखन शैली में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया। नए सत्र से लेखन और भाषा सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।
-मंजू शर्मा, हिंदी, लेक्चरर, जीएसएसएस-6
ऑनलाइन से बेहतर है ऑफलाइन क्लास
विद्यार्थियों को स्कूल में ऑनलाइन कक्षाओं के वक्त भी लिखने और पढ़ने का पूरा होमवर्क दिया जाता था। इसके बाद कोरोना काल में घर पर पढ़ाई के दौरान खास अंतर दिखाई दिया। ऑफलाइन क्लास में पढ़ने के दौरान विद्यार्थियों के विषय का कांसेप्ट क्लीयर रहता है। -सुरेश, विद्यार्थी, जीएसएसएस-6
पढ़ाई के दौरान मोबाइल की आदत हुई खत्म
ऑनलाइन क्लास के दौरान विद्यार्थियों की मोबाइल फोन के इस्तेमाल की आदत पड़ गई थी। इससे आंखों में भी परेशानी आने लगी थी। दोबारा ऑफलाइन क्लास शुरू होने के बाद परीक्षा की तैयारी करने के बाद एग्जाम दिया है। इससे कोई परेशानी नहीं हुई है।
-अंजली, छात्रा, जीएसएसएस-6