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धार्मिक एकता की मिशाल: जनक और सीता का किरदार निभा रहे मुस्लिम
सुशील गंभीर, पंचकूला
Updated Wed, 09 Oct 2013 02:24 AM IST
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धार्मिक एकता की मिशाल देखनी हो तो वह एक बार श्रीकृष्ण रामलीला ड्रामेटिक क्लब के सेक्टर-14 स्थित प्रांगण में जरूर पहुंचे। क्योंकि यहां अजब संयोग देखने को मिलेगा। राजा जनक का किरदार जहां एक मुस्लिम टीचर अदा कर रहे हैं, वहीं खुद सीता का किरदार भी एक मुस्लिम छात्र निभा रहा है।
सेक्टर-14 की मार्केट आयोजित होने वाली रामलीला में राजा जनक का किरदार सलीम अली निभा रहे हैं। जो पेशे से एक हिंदी टीचर हैं और सेक्टर-19 स्थित स्कूल में पढ़ाते हैं।
पिछले दो साल से अली राजा जनक के किरदार को मंच पर जीवंत कर रहे हैं। अली ने बताया कि ऐसा नहीं है कि उन्हें रामलीला में सिर्फ अपने किरदार के बारे में ही जानकारी है।
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बल्कि, वे रामायण के बारे में जानते हैं, क्योंकि वे स्कूल में रामायण विषय भी पढ़ाते हैं। अली ने बताया कि उनका बचपन से ही मन था कि रामलीला में किरदार अदा करें और यह सपना पिछले साल साकार हुआ, जब जनक के किदार को जीवंत करने का प्रयास किया।
वहीं, सीता का किरदार इस बार शहबाज निभा रहा हैं, जो छात्र है। हालांकि पिछले कुछ सालों से शहबाज सूर्पनखा का किरदार अदा करता था, लेकिन इस बार उसने सीता का किरदार निभाने का फैसला किया, जो काफी हद तक उसे रास आ रहा है।
शहबाज बचपन से ही रामलीला के साथ जुड़ा हुआ है, क्योंकि उसके पिता शकील खान पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाते हैं। कलाकारों की जरूरतें पूरी करने से लेकर क्लब को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। चूंकि शहबाज अपने पिता के साथ बचपन ही रामलीला में आ रहा है। अपने पिता की तरह पर्दे के पीछे न रहकर वह मंच पर आ गया है।
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सेक्टर-14 की मार्केट आयोजित होने वाली रामलीला में राजा जनक का किरदार सलीम अली निभा रहे हैं। जो पेशे से एक हिंदी टीचर हैं और सेक्टर-19 स्थित स्कूल में पढ़ाते हैं।
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पिछले दो साल से अली राजा जनक के किरदार को मंच पर जीवंत कर रहे हैं। अली ने बताया कि ऐसा नहीं है कि उन्हें रामलीला में सिर्फ अपने किरदार के बारे में ही जानकारी है।
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बल्कि, वे रामायण के बारे में जानते हैं, क्योंकि वे स्कूल में रामायण विषय भी पढ़ाते हैं। अली ने बताया कि उनका बचपन से ही मन था कि रामलीला में किरदार अदा करें और यह सपना पिछले साल साकार हुआ, जब जनक के किदार को जीवंत करने का प्रयास किया।
वहीं, सीता का किरदार इस बार शहबाज निभा रहा हैं, जो छात्र है। हालांकि पिछले कुछ सालों से शहबाज सूर्पनखा का किरदार अदा करता था, लेकिन इस बार उसने सीता का किरदार निभाने का फैसला किया, जो काफी हद तक उसे रास आ रहा है।
शहबाज बचपन से ही रामलीला के साथ जुड़ा हुआ है, क्योंकि उसके पिता शकील खान पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाते हैं। कलाकारों की जरूरतें पूरी करने से लेकर क्लब को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद करते हैं। चूंकि शहबाज अपने पिता के साथ बचपन ही रामलीला में आ रहा है। अपने पिता की तरह पर्दे के पीछे न रहकर वह मंच पर आ गया है।