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बारिश से लाखों क्विंटल गेहूं भीगा, बर्बादी के कगार पर किसान-आढ़ती: सुरजेवाला
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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पूर्व मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि बारिश ने गेहूं खरीद प्रबंधों को लेकर सरकार के दावों की पोल खोल दी है। अनाज मंडी, करनाल, निसिंग, जुंडला, निगदू, घरौंडा, असंध, निलोखेड़ी, कैथल, गुहला चीका, पूंडरी, पाई, ढांडा, इस्माइलाबाद, शाहाबाद, पिहोवा, झांसा, बिलासपुर, जगाधरी, यमुनानगर, रोहतक में बारिश से लाखों क्विंटल गेहूं न केवल भीग गई है, बल्कि गैर इंतजामी के चलते किसान-आढ़ती बर्बादी की कगार पर आ खड़ा हुआ है।
करनाल जिले में सभी मंडियों व पर्चेज सेंटर्स में किसान व आढ़ती की दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं। आज तक वेब पोर्टल सुचारु रूप से नहीं चल रहा। 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर किसान की फसल को खरीदने से इंकार किया जा रहा है। सरकार ने 24 घंटे में गेहूं उठान का वादा किया था, लेकिन 4-5 दिन बाद भी फसल मंडियों में पड़ी है। उन्होंने मांग की है कि 12 प्रतिशत नमी की शर्त इन हालात में 18 प्रतिशत की जाए। कैथल मंडी में 4 लाख बोरियां, कलायत मंडी में 2 लाख बोरियां पुंडरी मंडी में 1.5 लाख बोरियां, पाई मंडी में 50,000 बोरियां, चीका में 4 लाख बोरियां, करनाल में 5 लाख बोरियां, यमुना नगर जिले में 6 लाख बोरियां, रोहतक में 1 लाख बोरियां गेहूं की भीगी हैं। इनकी खरीद की जिम्मेदारी सरकार ले। सभी अनाज मंडियों में अगले 12 घंटों में तरपाल का प्रबंध व पानी निकासी के लिए मोटर व डीज़ल का इंतजाम हो। 12-12 घंटे की शिफ्ट में दिन-रात कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। हर मंडी में मौके पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाए। हर मंडी में बारदाना व सिलाई का इंतजाम हो।?
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करनाल जिले में सभी मंडियों व पर्चेज सेंटर्स में किसान व आढ़ती की दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं। आज तक वेब पोर्टल सुचारु रूप से नहीं चल रहा। 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर किसान की फसल को खरीदने से इंकार किया जा रहा है। सरकार ने 24 घंटे में गेहूं उठान का वादा किया था, लेकिन 4-5 दिन बाद भी फसल मंडियों में पड़ी है। उन्होंने मांग की है कि 12 प्रतिशत नमी की शर्त इन हालात में 18 प्रतिशत की जाए। कैथल मंडी में 4 लाख बोरियां, कलायत मंडी में 2 लाख बोरियां पुंडरी मंडी में 1.5 लाख बोरियां, पाई मंडी में 50,000 बोरियां, चीका में 4 लाख बोरियां, करनाल में 5 लाख बोरियां, यमुना नगर जिले में 6 लाख बोरियां, रोहतक में 1 लाख बोरियां गेहूं की भीगी हैं। इनकी खरीद की जिम्मेदारी सरकार ले। सभी अनाज मंडियों में अगले 12 घंटों में तरपाल का प्रबंध व पानी निकासी के लिए मोटर व डीज़ल का इंतजाम हो। 12-12 घंटे की शिफ्ट में दिन-रात कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। हर मंडी में मौके पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाए। हर मंडी में बारदाना व सिलाई का इंतजाम हो।?
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