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खेमका-संजीव वर्मा केस: कैंसलेशन रिपोर्ट पर अब स्पेशल कोर्ट में होगी सुनवाई

Tue, 08 Sep 2026 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:46 AM IST
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Khemka-Sanjeev Verma case: Hearing on cancellation report to be held in special court now.
जिला एवं सत्र अदालत ने सीजेएम कोर्ट से दोनों मामलों की फाइलें मंगाकर स्पेशल जज की अदालत भेजीं
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21 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में भर्तियों को लेकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका और आईएएस संजीव वर्मा के बीच दर्ज क्रॉस एफआईआर के मामले में पंचकूला जिला एवं सत्र अदालत ने अहम आदेश दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय संधिरा की अदालत ने दोनों मामलों में पुलिस की ओर से दाखिल कैंसलेशन रिपोर्ट को सीजेएम कोर्ट से वापस लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित स्पेशल कोर्ट में भेजने के आदेश दिए हैं। अब इन रिपोर्ट पर स्पेशल जज की अदालत सुनवाई करेगी।
मामला 26 अप्रैल 2022 को थाना सेक्टर-5 पंचकूला में दर्ज दो एफआईआर से जुड़ा है। इनमें एक एफआईआर अशोक खेमका व अन्य के खिलाफ हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन में कथित अवैध नियुक्तियों के आरोपों को लेकर दर्ज हुई थी। दूसरी क्रॉस एफआईआर खेमका की शिकायत पर तत्कालीन एमडी संजीव वर्मा और रविंदर कुमार के खिलाफ दर्ज की गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों मामलों में कैंसलेशन रिपोर्ट अदालत में दाखिल की थी।
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रविंदर कुमार ने दायर की थी ट्रांसफर याचिका
मूल शिकायतकर्ता और पीड़ित होने का दावा करने वाले रविंदर कुमार ने बीएनएसएस की धारा 448 के तहत सत्र अदालत में ट्रांसफर याचिका दायर की थी। उन्होंने दलील दी कि दोनों एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं शामिल हैं, इसलिए कैंसलेशन रिपोर्ट पर फैसला करने का अधिकार सीजेएम कोर्ट के बजाय संबंधित स्पेशल कोर्ट को है। सुनवाई के दौरान सेवानिवृत्त आईएएस अशोक खेमका स्वयं अदालत में पेश हुए और याचिका का विरोध किया। उन्होंने रविंदर कुमार के मामले में हस्तक्षेप के अधिकार पर सवाल उठाया। वहीं, राज्य सरकार और संजीव वर्मा की ओर से पेश वकीलों ने मामलों को स्पेशल कोर्ट में भेजने का समर्थन किया।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला
सत्र अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों, विशेष रूप से संपत सिंह बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला दिया। अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में कैंसलेशन रिपोर्ट पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित स्पेशल कोर्ट का है। अदालत ने ट्रांसफर याचिका मंजूर करते हुए सीजेएम कोर्ट में 11 सितंबर 2026 के लिए निर्धारित दोनों मामलों की फाइलें वापस लेकर स्पेशल जज बिक्रमजीत अरोड़ा की अदालत में भेजने के आदेश दिए। सभी पक्षों को 21 सितंबर 2026 को स्पेशल कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
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