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काजल प्रकरण : सिविल अस्पताल ने मेडिकल बोर्ड और पुलिस ने बनाई एसआईटी

Tue, 09 Apr 2024 03:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Apr 2024 03:40 AM IST
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Kajal case: Civil hospital formed medical board and police formed SIT
माई सिटी रिपोर्टर
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पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में सात दिन पहले बेटी को जन्म देने वाली काजल के मामले में जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया है। मेडिकल बोर्ड की टीम में तीन इंडिपेंडेंट डॉक्टरों को शामिल किया गया है। सोमवार को इस मामले की जांच अर्थोपेडिक्श के हेड, गायकनोलॉजी की हेड सहित 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। काजल के पति हरविंदर सिंह ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इस मामले में शिकायत दी थी। इसी के आधार पर मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। इसके अलावा डीसीपी ने भी मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है।
इस मामले में आज काजल के पति हरिविंदर सिंह, भाई मोहनलाल सहित काजल के पिता, माता के बयान दर्ज किए गए हैं। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलते ही पुलिस इस मामले की जांच करेगी। उधर काजल की हालत नाजुक बनी हुई है। पति हरविंदर ने अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगाया था कि समय पर उसका न तो उसका मेडिकल कराया गया और न ही इलाज किया गया। इस कारण काजल कोमा में चली गई है। समय रहते पीजीआई भी रेफर नहीं किया गया। बेहोशी की हालत में उसे रेफर किया गया।
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सुबह 5 से 7 बजे के बीच मिली घायल
4 अप्रैल वीरवार को महिला शाम 7 बजे गायनी वार्ड से निक्कू वार्ड में गई। वहां पर महिला काजल की ननद उनके साथ थी। रात 11 बजे ननद निक्कू वार्ड से बाहर आई थी। इसके बाद निक्कू वार्ड में एक महिला ने सुबह 5 बजे काजल को देखा। उसने यह बयान दर्ज कराया है। वही पूरी तरह ठीक थी। वहीं महिला के भाई मोहनलाल ने बताया कि उनकी बहन काजल के साथ संदिग्ध स्थिति में वारदात हुई है। यह वारदात सुबह 5 से 7 बजे के बीच हुई। संदिग्ध स्थिति में काजल इमरजेंसी के नीचे बुरी तरह घायल अवस्था में काजल बीते 5 अप्रैल को मिली थी। इसके बाद डॉक्टरों की ओर से इलाज नहीं किया गया। इस कारण वह कोमा में गई है।
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सभी के बयान हुए दर्ज
महिला काजल के घायल होने के मामले में तैनात सिक्योरिटी गार्ड, नर्सिंग ऑफिसर और डॉक्टर सहित 50 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज हुए हैं। इसमें निक्कू वार्ड में तैनात स्टाफ से महिला के बाहर जाने के बारे में पूछा गया। वहीं डॉक्टरों से इलाज में क्यों देरी हुई। समय पर जांच क्यों नहीं हुई। सभी से लिखित बयान लिए गए। बयान के बाद अब सीएमओ और सात सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की ओर से रिपोर्ट बनाकर पुलिस की एसआईटी टीम को दी जाएगी। पुलिस इस मामले में जांच करेंगी।

काजल के इलाज के मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इसमें तीन इंडिपेंडेंट डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है। जल्द ही इस मामले की रिपोर्ट बनाकर पुलिस की एसआईटी टीम को सौंपी जाएगी। इस मामले में पुलिस की ओर से जांच की जाएगी। - डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6


काजल के परिजनों की ओर से जो भी आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। सिविल अस्पताल की तरफ से जो भी कर्मचारियों के बयान दर्ज लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट अस्पताल प्रबंधन की तरफ से मिलने के बाद जांच शुरू की जाएगी। - हिमाद्री कौशिक, डीसीपी, पंचकूला पुलिस
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