फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   Joint committee of officers will be formed in village Devi Nagar land dispute case

पंचकूला : गांव देवी नगर जमीन विवाद मामला... अधिकारियों की बनेगी संयुक्त कमेटी, दोबारा होगी निशानदेही

Thu, 17 Jun 2021 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 17 Jun 2021 02:15 AM IST
विज्ञापन
Joint committee of officers will be formed in village Devi Nagar land dispute case
पंचकूला। गांव देवी नगर की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले को सुलझाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक ने बुधवार को जिला प्रशासन, एचएसआईआईडीसी और एचएचएसवीपी के संपत्ति विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। इस दौरान विभागीय अधिकारियों से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पहले की निशानदेही को नामंजूर करते हुए तीनों विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी गठित करने का आदेश दिया। वहीं, संयुक्त अधिकारियों की टीम दोबारा से मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश और निशानदेही को कहा। इसके बाद वह आगे की कार्रवाई के लिए फैसला लेंगे।
विज्ञापन

एचएसआईआईडीसी ने सेक्टर-22 में इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करते हुए जमीन को आगे आईटी इंडस्ट्री को अलॉट कर दिया, जो उसकी थी ही नहीं। अब इस जगह आईटी पार्क की सबसे ऊंची बिल्डिंग बनी है। यहां बनी 12 मंजिला बिल्डिंग पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं, क्योंकि कोर्ट ने जमीन पर गांव देवीनगर के निवासियों के मालिकाना हक को सही बताया है। इनमें कालका के विधायक प्रदीप चौधरी की भी यहां जमीन है। कोर्ट के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा के नेतृत्व में पंचकूला प्रशासन की टीम गांव देवीनगर के निवासियों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए पहुंची थी।
विज्ञापन

गांव देवी नगर के निवासियों की जमीन के लिए निशानदेही का काम पहले ही पूरा कर दिया गया था। सेक्टर-22 के आईटी पार्क में प्लॉट नंबर-1 में आईटी कंपनी की आधी से ज्यादा बिल्डिंग गांव वासियों की जमीन पर बनी है। जमीन पर ऊंची बिल्डिंग बनी होने के कारण इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुख्य प्रशासक ने बैठक बुलाई थी, लेकिन वह जरूरी कार्य से व्यस्त होने के कारण बैठक नहीं कर पाए। ऐसे में विभाग के प्रशासक ने बैठक की। इस मौके पर एचएसवीपी की संपदा अधिकारी ममता शर्मा, एचएसआईआईडीसी के एक्सईएन रोहित कंवर, जिला प्रशासन के कानूनगो हरनेक, नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह, पटवारी गुरजिंद्र समेत अन्य कई अधिकारी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिल्डिंग गिरानी होगी या जमीन अधिग्रहण का मुआवजा देना होगा
कोर्ट के निर्देश पर गांववासियों को जमीन का कब्जा देने के लिए या तो बिल्डिंग को गिराना होगा या जमीन अधिग्रहण का मुआवजा देना होगा। गांव देवीनगर के निवासी रघुबीर सिंह का आरोप है कि करीब 30 से 35 साल से एचएसवीपी और एचएसआईआईडीसी ने गांववासियों की जमीन पर कब्जा कर रखा है। एचएसवीपी ने साल 2003 में यह जमीन कॉरपोरेशन को आईटी पार्क विकसित करने के लिए दी थी। एचएसआईआईडीसी ने साल 2014 में यहां आईटी कंपनियों को जमीन अलॉट किया था। गांव देवीनगर के निवासियों ने साल 2010 में अपनी जमीन की सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर निशानदेही कराई थी। इसके बाद से वह जमीन वापस लेने के लिए पंचकूला कोर्ट में केस लड़ रहे थे।

कोर्ट ने माना बिल्डिंग की कुछ जमीन गांव की
साल 2015 में कोर्ट ने दिए अपने फैसले में माना कि जिस जगह पर आईटी कंपनी की बिल्डिंग बनी हैं, वह जगह देवीनगर गांव के निवासियों की है। रेवेन्यू रिकॉर्ड में भी आज तक जमीन का अधिग्रहण करने पर किसी को मुआवजा नहीं दिया गया है। आईटी कंपनी की बिल्डिंग वाली जमीन के अलावा गोल्फ क्लब, पंचकूला भी उनकी ही जमीन पर बना है। किसी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर मंदिर भी बनाया हुआ है। कोर्ट का गांववासियों के पक्ष में फैसला आने के बाद देवीनगर के निवासियों ने साल 2015 में जमीन का कब्जा लेने के लिए केस डाला था। कोर्ट से जमीन खाली कराने की मांग की गई। कोर्ट ने 23 नवंबर 2019 को पंचकूला के तहसीलदार को जमीन खाली कराने और उन्हें मालिकाना हक देने के आदेश दिए थे। इसके बाद से ही गांव देवी नगर निवासियों को जमीन का कब्जा देने की प्रक्रिया चल रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed