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जेसीबी मामला : अपनी छोड़ किराए की मशीन से काम लेना है मिलीभगत

Tue, 20 Feb 2024 03:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Feb 2024 03:27 AM IST
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JCB case: leaving your own and using a rented machine is collusion
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। करीब एक साल से मैकेनिक के पास खड़ी जेसीबी को ठीक नहीं करवाना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। पार्षदों समेत शहर के लोगों का कहना है कि नगर परिषद की जेसीबी को ठीक कराने की जगह किराए की जेसीबी से काम लेना कहां तक उचित है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और नगर परिषद के पार्षदों ने इस मामले में नगर परिषद को कठघरे में खड़ा किया है। इन लोगों ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद की जेसीबी को ठीक नहीं करवाकर किराए की जेसीबी से काम लेना किसी मिलीभगत की तरफ इशारा कर रहा है। इस मामले की भी जांच होनी चाहिए। विपक्षी पार्षदों ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों समेत अन्य के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई है। शहर के लोगों का कहना है कि यह कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के अलावा मिलीभगत भी लग रही है।
नप में पार्षद उठा चुके हैं मामला
नप की हाऊस की मीटिंग में पार्षद कई बार इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा चुके हैं, लेकिन हर बार उनको आश्वासन ही मिलता रहा है कि जेसीबी मंगवा दी जाएगी। अब एक साल से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन मैकेनिकल के पास पास खड़ी जेसीबी आज तक वापस नहीं आई है। ऐसे में जब परिषद को जेसीबी से संबंधित कोई काम होता है, तो बाहर से किराए पर मशीन हायर की जाती है। गत दिनों पहले पार्षद महेश शर्मा टिंकू ने भी आरोप लगाकर कहा था कि प्राकृतिक आपदा के समय में नगर परिषद द्वारा मलबा हटाने सहित अन्य कार्याें के लिए बाहर से जेसीबी मशीन हायर कर हजारों रुपये किराए पर खर्च किए थे। नप की इकलौती मशीन को वापस नही लाया गया। पार्षद बनिंदर कौर ने भी जेसीबी वापस मंगवाने की बात रखी है।
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दाल में काला नहीं पूरी दाल काली है
अपनी जेसीबी होने के बावजूद एक साल बीतने के बाद भी उसे ठीक नहीं करवा कर बाहर से जेसीबी किराए पर मंगवाकर कार्य करना कुछ समझ में नहीं आ रहा है। ऐसा लगता है दाल में कुछ काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली है। जब से नप बनी है तब से ही कभी यूआईडी, कभी इंधन, पशुधन, बंदर पकड़ने के नाम पर धांधली के आरोप लगते आए हैं। हाल ही में चेयरमैन ने भी जांच कमेटी की रिपोर्ट में अनियमितताओं का खुलासा किया है। इन सब चीजों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। -नैब चौधरी, जिलाध्यक्ष, युवा कांग्रेस पंचकूला
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लापरवाह अधिकारी पर हो कार्रवाई
जेसीबी को लेकर जिस भी अधिकारी और कर्मचारी की लापरवाही सामने आ रही है, उस पर कार्रवाई करनी चाहिए। आखिर अपनी जेसीबी को लाने की बजाय बाहर से जेसीबी हायर क्यों की जा रही है। जनता के खून पसीने की गाड़ी कमाई को नप अधिकारी और कर्मचारी अपनी मिलीभगत से बर्बाद कर रहे हैं। नप के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आ सके। -रंजीत उप्पल, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी
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