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Panchkula News: भांग के पौधे स्थायी तौर पर नष्ट करने जरूरी, स्टेटस रिपोर्ट तलब
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चंडीगढ़। खाली स्थानों पर उग रहे भांग के पौधों का नशे के लिए प्रयोग होने पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ प्रशासन से जवाब तलब किया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि इन भांग के पौधों को स्थायी तौर पर नष्ट करना जरूरी है। इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह लेकर हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का भी निर्देश दिया है। अप्रैल में संगरूर में 800 ग्राम सुल्फे की बरामदगी के मामले में सह आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया था कि पंजाब-हरियाणा सचिवालय के निकट व राजेंद्र पार्क में भांग के बड़ी मात्रा में पौधे लगे हुए हैं। इन्हीं भांग के पौधों से सुल्फा व अन्य नशीली सामग्री तैयार होती है। अक्सर शहर के लोग आसानी से मिलने वाली नशे की इस सामग्री का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे जाते हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह बेहद गंभीर विषय है, क्योंकि नशा न केवल आम लोगों को बल्कि खास तौर पर युवाओं को दीमक की तरह खा रहा है। ऐसे में आसानी से उपलब्ध नशे को समाप्त करना बहुत जरूरी है।
इन पौधों को नष्ट करने की जिम्मेदारी या तो सरकार भूल गई है या फिर आंखें मूंदे बैठी है। इन पौधों की आसानी से उपलब्धता की वजह से युवा इसे नशे में बदलकर तस्करी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को भांग के इन पौधों को नष्ट करने को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से कुछ फोटो पेश करके बताया गया कि विभिन्न सेक्टरों से इन पौधों को नष्ट किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार से पौधों को काटा गया है उनकी जड़ों को वहीं छोड़ दिया गया है। यह कुछ ही समय में फिर उग जाएंगे। इन्हें जड़ से नष्ट नहीं किया गया और न ही इन्हें जलाया गया है। कोर्ट का विचार था कि भांग के पौधों को स्थायी तौर पर नष्ट करने के लिए कोई ठोस उपाय होना चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस मामले का संज्ञान लिया है और विशेषज्ञों की मदद से इस समस्या का निदान निकालने का निर्णय लिया है।
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इन पौधों को नष्ट करने की जिम्मेदारी या तो सरकार भूल गई है या फिर आंखें मूंदे बैठी है। इन पौधों की आसानी से उपलब्धता की वजह से युवा इसे नशे में बदलकर तस्करी कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को भांग के इन पौधों को नष्ट करने को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
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सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से कुछ फोटो पेश करके बताया गया कि विभिन्न सेक्टरों से इन पौधों को नष्ट किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार से पौधों को काटा गया है उनकी जड़ों को वहीं छोड़ दिया गया है। यह कुछ ही समय में फिर उग जाएंगे। इन्हें जड़ से नष्ट नहीं किया गया और न ही इन्हें जलाया गया है। कोर्ट का विचार था कि भांग के पौधों को स्थायी तौर पर नष्ट करने के लिए कोई ठोस उपाय होना चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस मामले का संज्ञान लिया है और विशेषज्ञों की मदद से इस समस्या का निदान निकालने का निर्णय लिया है।
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