{"_id":"62f411277e77d5618f172fd7","slug":"impossible-hill-land-was-given-to-the-government-at-an-expensive-price-naib-tehsildar-arrested-panchkula-news-pkl4592206159","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार को महंगे दाम पर दिलाई गैरमुमकिन पहाड़ी जमीन, नायब तहसीलदार गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार को महंगे दाम पर दिलाई गैरमुमकिन पहाड़ी जमीन, नायब तहसीलदार गिरफ्तार
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने तहसील श्री आनंदपुर साहिब में तैनात नायब तहसीलदार रघुबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ लोगों के साथ मिलकर रोपड़ जिले के गांव करूरा में 54 एकड़ गैरमुमकिन पहाड़ की सरकार के नाम रजिस्ट्री कलेक्टर रेट से अधिक कीमत पर करवा दी। इस तरह रघुबीर सिंह ने सरकारी खजाने को 4.8 करोड़ रुपये का चूना लगाया।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में पहले ही थाना नूरपुरबेदी जिला रोपड़ में 28 जून 2022 को मुकदमा नंबर 69 उक्त नायब तहसीलदार व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। इसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की जा रही है। गांव करूरा श्री आनंदपुर साहिब में गैरमुमकिन पहाड़, नदी, टिब्बा, चौआ, चंगर टिब्बा, दरार आदि किस्म का 54 एकड़ क्षेत्रफल करूरा गांव के लोगों के नाम पर था। इसे पंजाब राज्य वन कारपोरेशन एसएएस नगर द्वारा खरीदे जाने का प्रस्ताव पारित था। इस मामले में जमीन की इंस्पेक्शन के लिए एक कमेटी बनाई गई, जिसमें रोपड़ के वन मंडल अधिकारी अमित चौहान, जुगराज सिंह रीजनल मैनेजर मोहाली, अमरजीत सिंह हलका पटवारी नुमाइंदा दफ्तर एसडीएम श्री आनंदपुर साहिब, जसपाल सिंह रेंज अफसर ब्लॉक नूरपुरबेदी, नरिंदर सिंह और राजेश कुमार दोनों वन गार्ड, रामपाल सिंह सरपंच गांव करूरा और योगेश कुमार बतौर कमेटी सदस्य शामिल थे।
प्रवक्ता ने बताया कि दो बाहरी व्यक्तियों दलजीत सिंह भिंडर और अमरिंदर सिंह भिंडर द्वारा मिलीभगत करके 90 हजार रुपये कलेक्टर रेट वाली जमीन को पंजाब वन कारपोरेशन लिमिटेड के नाम 9,90,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बेच दिया गया, जिस कारण सरकारी खजाने को 4.8 करोड़ रुपये का चूना लगा। विजिलेंस पड़ताल के दौरान पता लगा कि कारपोरेशन को बेचा गया यह क्षेत्र 54 एकड़ के बजाय सिर्फ 46 एकड़ ही है। दस्तावेजों से भी पाया गया कि इस जमीन की रजिस्ट्री रघुवीर सिंह नायब तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर नूरपुरबेदी तहसील में 1 सितंबर 2020 को जाकर दर्ज कराई थी। प्राथमिक पड़ताल के बाद रघुवीर सिंह नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में पहले ही थाना नूरपुरबेदी जिला रोपड़ में 28 जून 2022 को मुकदमा नंबर 69 उक्त नायब तहसीलदार व अन्य व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। इसकी जांच विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की जा रही है। गांव करूरा श्री आनंदपुर साहिब में गैरमुमकिन पहाड़, नदी, टिब्बा, चौआ, चंगर टिब्बा, दरार आदि किस्म का 54 एकड़ क्षेत्रफल करूरा गांव के लोगों के नाम पर था। इसे पंजाब राज्य वन कारपोरेशन एसएएस नगर द्वारा खरीदे जाने का प्रस्ताव पारित था। इस मामले में जमीन की इंस्पेक्शन के लिए एक कमेटी बनाई गई, जिसमें रोपड़ के वन मंडल अधिकारी अमित चौहान, जुगराज सिंह रीजनल मैनेजर मोहाली, अमरजीत सिंह हलका पटवारी नुमाइंदा दफ्तर एसडीएम श्री आनंदपुर साहिब, जसपाल सिंह रेंज अफसर ब्लॉक नूरपुरबेदी, नरिंदर सिंह और राजेश कुमार दोनों वन गार्ड, रामपाल सिंह सरपंच गांव करूरा और योगेश कुमार बतौर कमेटी सदस्य शामिल थे।
विज्ञापन
प्रवक्ता ने बताया कि दो बाहरी व्यक्तियों दलजीत सिंह भिंडर और अमरिंदर सिंह भिंडर द्वारा मिलीभगत करके 90 हजार रुपये कलेक्टर रेट वाली जमीन को पंजाब वन कारपोरेशन लिमिटेड के नाम 9,90,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बेच दिया गया, जिस कारण सरकारी खजाने को 4.8 करोड़ रुपये का चूना लगा। विजिलेंस पड़ताल के दौरान पता लगा कि कारपोरेशन को बेचा गया यह क्षेत्र 54 एकड़ के बजाय सिर्फ 46 एकड़ ही है। दस्तावेजों से भी पाया गया कि इस जमीन की रजिस्ट्री रघुवीर सिंह नायब तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर नूरपुरबेदी तहसील में 1 सितंबर 2020 को जाकर दर्ज कराई थी। प्राथमिक पड़ताल के बाद रघुवीर सिंह नायब तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
विज्ञापन