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Panchkula News: कार्रवाई के बाद भी नहीं थमी जिले में अवैध माइनिंग, चेकिंग करने पहुंचे गार्ड का रॉड से सिर फोड़ा
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पंचकूला। रत्तेवाली में अवैध माइनिंग की जांच करने पहुंचे माइनिंग विभाग के सुरक्षा गार्ड पर चार अक्तूबर को हमला कर दिया। जेसीबी और टिपर की फोटो खींचने से नाराज आरोपियों ने गार्ड को घेरकर लोहे की रॉड से सिर पर वार किया और डंडों से पीटा। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घायल गार्ड को सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया।
माइनिंग विभाग के सुरक्षा गार्ड अमन रत्तेवाली एग्रीकल्चर क्रशर जोन के पास अवैध माइनिंग की जांच कर रहे थे। उन्होंने जेसीबी और टिपर को माइनिंग करते देखा तो उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के चालक वाहन लेकर भाग गए। अमन उनका पीछा करते हुए रत्तेवाली पहुंचे। वहां एक मकान की चारदीवारी में जेसीबी और टिपर खड़े मिले। अमन ने दोनों वाहनों की फोटो खींच ली।
आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में मोहित उर्फ मोहिया अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोपियों ने अमन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मोहित ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। बाकी आरोपियों ने डंडों से मारपीट की। इसके बाद सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
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पहले भी जांच टीमों पर हो चुके हैं हमले
अवैध माइनिंग का मुद्दा पंचकूला की जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकों में भी कई बार उठ चुका है। इससे पहले जून 2024 में अवैध माइनिंग की जांच करने गई नगर निगम की टीम के साथ भी विवाद और हमला होने का मामला सामने आया था। इसके बावजूद रत्तेवाली, कालका, रायपुररानी समेत जिले के कई इलाकों में अवैध माइनिंग की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच कार्रवाई में 371 वाहन जब्त किए जाने, करीब 1.95 करोड़ रुपये जुर्माना वसूलने और 12 एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आ चुकी है। इसके बाद भी अब माइनिंग की जांच करने पहुंचे कर्मचारी पर हमला होना कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
अब सवाल कार्रवाई से आगे का
माइनिंग विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद यदि अवैध खनन की जांच करने वाले कर्मचारियों को ही निशाना बनाया जाएगा तो अवैध माइनिंग पर प्रभावी रोक कैसे लगेगी? रत्तेवाली की ताजा घटना ने एक बार फिर जिले में अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई और मौके पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने अमन की शिकायत पर मोहित उर्फ मोहिया और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस और माइंस एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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माइनिंग विभाग के सुरक्षा गार्ड अमन रत्तेवाली एग्रीकल्चर क्रशर जोन के पास अवैध माइनिंग की जांच कर रहे थे। उन्होंने जेसीबी और टिपर को माइनिंग करते देखा तो उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन दोनों के चालक वाहन लेकर भाग गए। अमन उनका पीछा करते हुए रत्तेवाली पहुंचे। वहां एक मकान की चारदीवारी में जेसीबी और टिपर खड़े मिले। अमन ने दोनों वाहनों की फोटो खींच ली।
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आरोप है कि इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में मोहित उर्फ मोहिया अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोपियों ने अमन के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मोहित ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। बाकी आरोपियों ने डंडों से मारपीट की। इसके बाद सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
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पहले भी जांच टीमों पर हो चुके हैं हमले
अवैध माइनिंग का मुद्दा पंचकूला की जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकों में भी कई बार उठ चुका है। इससे पहले जून 2024 में अवैध माइनिंग की जांच करने गई नगर निगम की टीम के साथ भी विवाद और हमला होने का मामला सामने आया था। इसके बावजूद रत्तेवाली, कालका, रायपुररानी समेत जिले के कई इलाकों में अवैध माइनिंग की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच कार्रवाई में 371 वाहन जब्त किए जाने, करीब 1.95 करोड़ रुपये जुर्माना वसूलने और 12 एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आ चुकी है। इसके बाद भी अब माइनिंग की जांच करने पहुंचे कर्मचारी पर हमला होना कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा करता है।
अब सवाल कार्रवाई से आगे का
माइनिंग विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद यदि अवैध खनन की जांच करने वाले कर्मचारियों को ही निशाना बनाया जाएगा तो अवैध माइनिंग पर प्रभावी रोक कैसे लगेगी? रत्तेवाली की ताजा घटना ने एक बार फिर जिले में अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई और मौके पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चंडीमंदिर थाना पुलिस ने अमन की शिकायत पर मोहित उर्फ मोहिया और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस और माइंस एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।