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अवैध खनन : खनन, वन विभाग, वाहन मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। एंटी करप्शन ब्यूरो ने कालका स्थित बांस घाटी और पिंजौर के बुर्ज कोटियां में हो रहे अवैध माइनिंग को लेकर सेक्टर-17 एसीबी थाने में खनन, वन विभाग, अवैध माइनिंग करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसीबी की टीम ने जनवरी में छापा मारा था। अब करीब पांच माह बाद यह एसीबी के इंस्पेक्टर के शिकायत पर मामला दर्ज किया है। एसीबी के अनुसार, टीम 6 जनवरी 2024 को निजी कार में बांस घाटी पहुंची थी।
वहां पर उन्होंने टिप्पर, पोकलेन, जेसीबी, ट्राले व अन्य मशीन से अवैध माइनिंग करते देखा। एसीबी की टीम को देखते ही अवैध माइनिंग में इस्तेमाल वाहनोें लेकर लोग मौके से भागने लगे। उनमें से एक मोहाली नंबर के डंपर सहित पांच वाहनों को एसीबी की टीम ने अपने कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खनन विभाग और पुलिस को सौंप दिया गया। मौके पर जेसीबी और पोकलेन की मदद से अवैध माइनिंग सरेआम की जा रही थी। पहाड़ों और पेड-पौधों को काटकर माइनिंग की जा रही थी।
एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, बांस घाटी अंबवाल कोटियां, बुर्ज कोटियां व आसपास के गांव में रहने वाले लोग ही गांव के आसपास के क्षेत्र में अवैध माइनिंग करते हैं। इस मामले महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि माइनिंग में इस्तेमाल की जाने वाले गाड़ियों के या तो नंबर प्लेट नहीं होते और अगर होते हैं तो वह फर्जी होते हैं। कई वाहनों पर नंबर कीचड़ से ढक दिया जाता है। अवैध माइनिंग का खेल पर्यावरण संवेदनशील जोन में किया जा रहा है। इसकी जानकारी किसी विभाग को नहीं है।
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पंचकूला। एंटी करप्शन ब्यूरो ने कालका स्थित बांस घाटी और पिंजौर के बुर्ज कोटियां में हो रहे अवैध माइनिंग को लेकर सेक्टर-17 एसीबी थाने में खनन, वन विभाग, अवैध माइनिंग करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसीबी की टीम ने जनवरी में छापा मारा था। अब करीब पांच माह बाद यह एसीबी के इंस्पेक्टर के शिकायत पर मामला दर्ज किया है। एसीबी के अनुसार, टीम 6 जनवरी 2024 को निजी कार में बांस घाटी पहुंची थी।
वहां पर उन्होंने टिप्पर, पोकलेन, जेसीबी, ट्राले व अन्य मशीन से अवैध माइनिंग करते देखा। एसीबी की टीम को देखते ही अवैध माइनिंग में इस्तेमाल वाहनोें लेकर लोग मौके से भागने लगे। उनमें से एक मोहाली नंबर के डंपर सहित पांच वाहनों को एसीबी की टीम ने अपने कब्जे में लेकर चालक को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद वाहन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खनन विभाग और पुलिस को सौंप दिया गया। मौके पर जेसीबी और पोकलेन की मदद से अवैध माइनिंग सरेआम की जा रही थी। पहाड़ों और पेड-पौधों को काटकर माइनिंग की जा रही थी।
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एसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, बांस घाटी अंबवाल कोटियां, बुर्ज कोटियां व आसपास के गांव में रहने वाले लोग ही गांव के आसपास के क्षेत्र में अवैध माइनिंग करते हैं। इस मामले महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि माइनिंग में इस्तेमाल की जाने वाले गाड़ियों के या तो नंबर प्लेट नहीं होते और अगर होते हैं तो वह फर्जी होते हैं। कई वाहनों पर नंबर कीचड़ से ढक दिया जाता है। अवैध माइनिंग का खेल पर्यावरण संवेदनशील जोन में किया जा रहा है। इसकी जानकारी किसी विभाग को नहीं है।
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