चंडीगढ़। नवजोत सिंह सिद्धू, प्रताप सिंह बाजवा, परगट सिंह के बाद पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान शमशेर सिंह दूलो ने भी बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ कहा कि अगर कैप्टन का दोबारा मुख्यमंत्री बनने का मन करता है तो कुछ करके दिखाएं। चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रदेश के दलित वर्ग के संबंधित कांग्रेस विधायकों द्वारा मंगलवार को की गई बैठक पर सवाल खड़े करते हुए दूलो ने मुख्यमंत्री को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि लोगों में रोष है। किसान आंदोलन और कोरोना महामारी के कारण सियासी दलों की जमीन खिसक रही है। जब मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई थी तो उन्होंने बेअदबी, पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप, बेरोजगारी जैसे मुद्दे उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में शराब माफिया, रेत माफिया में कई विधायकों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हाथ है। उन्होंने पंजाब सरकार की आंबेडकर स्कालरशिप को लोगों के साथ धोखा करार दिया।
दूलो ने कहा कि कैप्टन सरकार अवैध डिस्टलरीज के मालिकों को पनाह देती रही है। मुख्यमंत्री बताएं कि उनकी क्या मजबूरी है कि वे अवैध डिस्टलरीज पर कार्रवाई करने से झिझकते रहे हैं। उनकी कैप्टन से कोई निजी लड़ाई नहीं है, वे केवल सिद्धांतों की लड़ाई लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे। कैप्टन को याद रखना चाहिए कि खरड़ से उनकी जमानत जब्त हो गई थी। लोगों ने अकाली दल और बेअदबी के दोषियों को माफ नहीं किया है। कैप्टन संजीदा होते और ली गई शपथ पर कायम रहते तो आज स्थिति कुछ ओर होती।