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दो रुपये में कैसे होगा बच्चे का लालन-पालन!

Tue, 08 Oct 2013 01:53 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Tue, 08 Oct 2013 01:53 AM IST
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How will the two bucks child upbringing!
साहब! एक बच्चे के लालन-पालन के लिए सिर्फ दो रुपये आठ पैसे मिल रहे हैं। इतने कम पैसे में कैसे काम चलेगा। दूसरों के बच्चों का लालन-पालन करना तो मुश्किल हो ही रहा है, साथ ही हमारे बच्चों को भी अच्छा लालन नहीं मिल पा रहा।
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क्योंकि हमारी तनख्वाह भी सिर्फ एक हजार से 1500 रुपये है। कुछ ऐसी ही व्यथा लेकर जिले भर में बनी क्रेच की वर्कर सोमवार को डीसी को शिकायत देनी पहुंची। डीसी एसएस फुलिया के मनसा देवी में व्यस्त होने के चलते वर्करों ने अपनी शिकायत डीसी कार्यलय में दी।
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डीसी कार्यालय में पहुंची महादेवपुरा की क्रेच वर्कर कुलदीप कौर, देवीनगर से निशा सैनी, पिंजौर से सतिंद्र, नाडा साहिब से जसविंद्र व अन्य ने बताया कि जिले भर में बाल कल्याण परिषद के तहत क्रेच चलती हैं।
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यह क्रेच वर्ष 2000 से चल रही हैं और उस वक्त प्रति बच्चे के लिए दो रुपये आठ पैसे तय हुआ था। एक क्रेच में कम से कम 25 बच्चे हैं। अब महंगाई के जमाने में इतने कम पैसों से क्रेच चलाना मुश्किल हो रहा है।


इसके अलावा क्रेच वर्कर को 1500 और हेल्पर को सिर्फ एक हजार रुपये प्रति माह मिलता है, जो बेहद कम है। वर्करों ने बताया कि न तो वे दूसरों के बच्चों को पाल पा रहे हैं और न ही अपने। वर्करों ने मांग की है कि क्रेच कर्मचारियों की तनख्वाह डीसी रेट के मुताबिक तय की जाए और प्रति बच्चा कम से कम 15 रुपये दिए जाएं।
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