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मोरनी में पहाड़ धंसने से हिले मकान, लोग मौत के साए में रहने को मजबूर
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मकान में आई दरार।
- फोटो : PKL OFFICE
मोरनी। पंचकूला-मोरनी मार्ग पर स्थित दपाना गांव में बरसात के कारण पहाड़ धंसने का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। इस कारण कई ग्रामीणों के घरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। वहीं, कुछ पुराने घर दरारों के कारण जमीदोज तक हो गए हैं। इसी के चलते डर के साए में जी रहे ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया है।
बेबस ग्रामीण अपने परिवारों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि सरकार को गांव का अस्तित्व बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि ग्रामीणों का पलायन रुक सके और ग्रामीण डर के साए से बाहर निकल कर जीवन यापन कर सकें। इलाके के लोगों ने बड़ी मुश्किल से मेहनत कर अपने लिए घर बनाए हैं, लेकिन वह अब प्रकृति के आगे बेबस हो गए हैं। अब तो उन्हें हर वक्त हादसे का खतरा सता रहा है।
रोशन लाल, राजेश, सीता देवी आदि ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले लगातार सड़क के साथ गांव की जमीन भी धंस रही थी। स्थानीय लोगों और सैलानियों की सुविधा को देखते हुए गांव के सामने से निकलने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दूसरी ओर सड़क का निर्माण कर दिया। यहां से निकलने वाले सैलानियों को सुविधा तो मिली, लेकिन गांव के लोगों में डर पहाड़ के धंसने का डर आज भी बना हुआ है। इसे रोकने के लिए सरकार को जल्द कोई कदम उठाना चाहिए।
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ग्रामीणों को उजड़ने से बचाए सरकार
जिला परिषद के पूर्व सदस्य रमेश मांधना ने कहा कि गांव की समस्या काफी पुरानी है। गांव की जमीन हर साल धंस रही है। इससे ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो रही है। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों को उजड़ने से बचाने और समस्या का प्रमुखता से हल करवाने की मांग की है।
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बेबस ग्रामीण अपने परिवारों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि सरकार को गांव का अस्तित्व बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए ताकि ग्रामीणों का पलायन रुक सके और ग्रामीण डर के साए से बाहर निकल कर जीवन यापन कर सकें। इलाके के लोगों ने बड़ी मुश्किल से मेहनत कर अपने लिए घर बनाए हैं, लेकिन वह अब प्रकृति के आगे बेबस हो गए हैं। अब तो उन्हें हर वक्त हादसे का खतरा सता रहा है।
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रोशन लाल, राजेश, सीता देवी आदि ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले लगातार सड़क के साथ गांव की जमीन भी धंस रही थी। स्थानीय लोगों और सैलानियों की सुविधा को देखते हुए गांव के सामने से निकलने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दूसरी ओर सड़क का निर्माण कर दिया। यहां से निकलने वाले सैलानियों को सुविधा तो मिली, लेकिन गांव के लोगों में डर पहाड़ के धंसने का डर आज भी बना हुआ है। इसे रोकने के लिए सरकार को जल्द कोई कदम उठाना चाहिए।
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ग्रामीणों को उजड़ने से बचाए सरकार
जिला परिषद के पूर्व सदस्य रमेश मांधना ने कहा कि गांव की समस्या काफी पुरानी है। गांव की जमीन हर साल धंस रही है। इससे ग्रामीणों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो रही है। उन्होंने सरकार से ग्रामीणों को उजड़ने से बचाने और समस्या का प्रमुखता से हल करवाने की मांग की है।