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Panchkula News: घायल आरोपियों के वीडियो पर हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस से मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

Wed, 02 Sep 2026 11:23 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:23 PM IST
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High Court seeks action-taken report from Punjab Police regarding videos of injured accused.
पुलिस के आधिकारिक इंटरनेट मंचों पर आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने का आरोप
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30 सितंबर तक बताना होगा तक क्या की गई है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस के आधिकारिक इंटरनेट मंचों पर गिरफ्तार आरोपियों के आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने पर सख्त रुख अपनाया है। इन वीडियो में आरोपियों को घायल, असहाय या अपमानजनक स्थिति में दिखाया गया है। अदालत ने राज्य सरकार से इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 30 सितंबर तक यह रिपोर्ट दाखिल करने का समय दिया है। एडवोकेट निखिल थम्मन ने एक याचिका दायर कर इन वीडियो पर आपत्ति जताई है। याचिका में आरोप है कि ऐसी तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक करना आरोपियों के सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सांविधानिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
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याचिका में पंजाब पुलिस के आधिकारिक इंटरनेट मंचों से ऐसे सभी वीडियो हटाने की मांग की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इन वीडियो की जांच की जाए। जांच से यह पता लगाया जाए कि इन्हें किस अधिकारी या कर्मचारी ने तैयार और सार्वजनिक किया। याचिकाकर्ता ने वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।
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याचिकाकर्ता के तर्क और मांगें :

याचिकाकर्ता का तर्क है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। इससे सार्वजनिक अपमान या हिरासत में हिंसा को बढ़ावा मिलने का संदेश जाए। जनहित याचिका में पंजाब पुलिस के आधिकारिक इंटरनेट मंचों पर सामग्री जारी करने के लिए राज्य स्तर पर स्पष्ट मानक प्रक्रिया बनाने की मांग है।




गरिमा और कानूनी दायरे का महत्व :

याचिकाकर्ता के अनुसार पुलिस के आधिकारिक मंचों से जारी सामग्री का आम लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ता है इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी गिरफ्तार व्यक्ति की गरिमा प्रभावित न हो। पुलिस कार्रवाई हमेशा कानून के दायरे में ही दिखाई देनी चाहिए। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है।
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