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सुखपाल खैरा की नियमित जमानत की मांग पर हाईकोर्ट ने फैसला किया सुरक्षित
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मनी लांड्रिंग मामले में फंसे सुखपाल खैरा की नियमित जमानत की मांग पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।
ईडी ने खैरा के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले में मामला दर्ज किया था। ईडी ने खैरा को पिछले माह गिरफ्तार कर लिया था। खैरा ने मोहाली की ट्रायल कोर्ट में नियमित जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
मोहाली की ट्रायल कोर्ट ने 7 दिसंबर को खैरा की याचिका को खारिज कर दिया था। मोहाली की ट्रायल कोर्ट से नियमित जमानत खारिज होने के बाद अब इस आदेश को चुनौती देते हुए खैरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। खैरा ने अपनी याचिका में अपनी सेहत और गंभीर बीमारियों का हवाला दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जेल में मौजूद डॉक्टर ने उनका परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
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हाईकोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद पीजीआई को मेडिकल बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि मेडिकल बोर्ड अगली सुनवाई पर बताएगा कि क्या याची का जेल में इलाज संभव है या उसे अस्पताल में भर्ती करवाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि उसे अस्पताल में लाना जरूरी हो तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। इलाज के दौरान हथियारबंद सुरक्षा कर्मी मौजूद रहें ताकि याची भागने में सफल न हो सके। अब हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद खैरा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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ईडी ने खैरा के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले में मामला दर्ज किया था। ईडी ने खैरा को पिछले माह गिरफ्तार कर लिया था। खैरा ने मोहाली की ट्रायल कोर्ट में नियमित जमानत की मांग को लेकर याचिका दायर की थी।
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मोहाली की ट्रायल कोर्ट ने 7 दिसंबर को खैरा की याचिका को खारिज कर दिया था। मोहाली की ट्रायल कोर्ट से नियमित जमानत खारिज होने के बाद अब इस आदेश को चुनौती देते हुए खैरा ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। खैरा ने अपनी याचिका में अपनी सेहत और गंभीर बीमारियों का हवाला दिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जेल में मौजूद डॉक्टर ने उनका परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
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हाईकोर्ट ने रिपोर्ट देखने के बाद पीजीआई को मेडिकल बोर्ड का गठन करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि मेडिकल बोर्ड अगली सुनवाई पर बताएगा कि क्या याची का जेल में इलाज संभव है या उसे अस्पताल में भर्ती करवाना जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि उसे अस्पताल में लाना जरूरी हो तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। इलाज के दौरान हथियारबंद सुरक्षा कर्मी मौजूद रहें ताकि याची भागने में सफल न हो सके। अब हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद खैरा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।