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अवैध लिंग जांच केंद्रों पर शिकंजा कसने का अभियान तेज कर दिया
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स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय के सभागार में राज्य सलाहकार समिति के अध्यक्ष कुंदन मित्तल की अध्यक्षता में पीएनडीटी एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर महानिदेशक एसबी कंबोज, निदेशक डीएन बागड़ी के साथ बैठक हुई। बैठक में कुंदन मित्तल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में हो रहे अवैध लिंग जांच केंद्रों पर शिकंजा कसने का अभियान तेज कर दिया है। इसी के परिणाम स्वरूप हरियाणा में वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2019 में लिंगानुपात 872 से सुधरकर 920 पर आ गया है।
बराबरी के अनुपात पर लानी है संख्या
हरियाणा राज्य सलाहकार समिति के अध्यक्ष कुंदन मित्तल का कहना है कि इस अनुपात को बराबरी पर लाकर खड़ा करना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को आशा वर्करों, आंगनबाडी वर्करों, पंचायतीराज संस्थाओं, शिक्षा विभाग और मातृ शक्ति के साथ मिलकर कार्य करना है। उन्होंने बताया कि 30201 पंजीकृत केंद्रों की जांच की गई है। वर्ष 2019 के छह माह में ही 791 केंद्रों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि इन 30201 केंद्रों में से 761 केंद्रों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया। इसमें 22 केंद्रों को छह माह में रद्द किया गया है। 613 केंद्रों को सील किया गया है। छह माह में 33 केंद्र सील किए हैं।
एक लाख की मिलेेगी प्रोत्साहन राशि
उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पुरस्कार योजना और अवैध तौर पर लिंग जांच करने वाले केंद्रों की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। आपातकालीन स्थिति को छोड़कर गर्भवती महिला की यूएसजी करवाने के लिए आवासीय प्रमाण देने, पीसी व पीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिये उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स गठित की गई। सीएम सेल हरियाणा में शिकायत निवारण पोर्टल तैयार किया गया है। हरियाणा के सभी रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रोविजन तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह की अन्य योजनाएं बनाकर पीएनडीटी एक्ट को पुख्ता रूप से लागू किया गया है।
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बराबरी के अनुपात पर लानी है संख्या
हरियाणा राज्य सलाहकार समिति के अध्यक्ष कुंदन मित्तल का कहना है कि इस अनुपात को बराबरी पर लाकर खड़ा करना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को आशा वर्करों, आंगनबाडी वर्करों, पंचायतीराज संस्थाओं, शिक्षा विभाग और मातृ शक्ति के साथ मिलकर कार्य करना है। उन्होंने बताया कि 30201 पंजीकृत केंद्रों की जांच की गई है। वर्ष 2019 के छह माह में ही 791 केंद्रों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि इन 30201 केंद्रों में से 761 केंद्रों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया गया। इसमें 22 केंद्रों को छह माह में रद्द किया गया है। 613 केंद्रों को सील किया गया है। छह माह में 33 केंद्र सील किए हैं।
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एक लाख की मिलेेगी प्रोत्साहन राशि
उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पुरस्कार योजना और अवैध तौर पर लिंग जांच करने वाले केंद्रों की सूचना देने वाले को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। आपातकालीन स्थिति को छोड़कर गर्भवती महिला की यूएसजी करवाने के लिए आवासीय प्रमाण देने, पीसी व पीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिये उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स गठित की गई। सीएम सेल हरियाणा में शिकायत निवारण पोर्टल तैयार किया गया है। हरियाणा के सभी रजिस्टर्ड अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रोविजन तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह की अन्य योजनाएं बनाकर पीएनडीटी एक्ट को पुख्ता रूप से लागू किया गया है।
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