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विजेताओं ने बताया आत्मविश्वास से मिली जीत
अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sun, 27 Oct 2013 02:00 AM IST
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स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट ने साबित कर दिया कि वही स्मार्ट है, जिनके पास न केवल किताबों की जानकारी है, बल्कि आत्मविश्वास से भरपूर होना बेहद जरूरी है। स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट सीजन-4 के फाइनल मुकाबले में जीत का सेहरा पहनने वाली पंचकूला की प्रतिभागियों ने कुछ इस तरह अपनी दास्तां बयां की।
साथ में उन्होंने अमर उजाला की तहे दिल से तारीफ की। उन्होंने कहा हर वर्ग की महिलाओं और युवतियों में छुपी प्रतिभा को सामने लाने का यह एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। प्रीति मनन इस इवेंट में पंचकूला की विजेता बनीं, जबकि अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने फर्स्ट रनर अप का खिताब बाला भारद्वाज को और सेकेंड रनर अप का खिताब डॉ. सरवजीत कौर को दिया।
जीत पर खुशी जाहिर करते हुए प्रीति मनन ने कहा कि अमर उजाला की ओर से पंचकूला के लिए यह दूसरी बार आयोजन किया गया। इस कांटेस्ट के जरिए महिलाओं और युवतियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। प्रीति ने कहा कि मुझे भरोसा था कि मैं जीतूंगी, क्योंकि पहले राउंड में सवालों के जवाब के बाद मेरा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया था, जिसका अगले राउंड में भी फायदा मिला। दूसरे स्थान पर रही बाला भारद्वाज ने कहा कि ऐसे आयोजन से महिलाओं को काफी कुछ सीखने और खुद को साबित करने का मौका मिलता है। अभी तक पंचकूला में इस तरह का प्लेटफॉर्म कहीं नहीं मिला।
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बेटी ने भरा जज्बा, मम्मी बनी फर्स्ट रनर अप
मैं स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट के फाइनल मुकाबले में शामिल होने से कतरा रही थी। लेकिन, बेटी के एक मैसेज ने मेरा आत्मविश्ववास कई गुना बढ़ा दिया। बेटी की इस हौसलाफजाई की बदौलत मुझे यह खिताब मिला। बेटी ने मुझे कहा अगर आप, कांटेस्ट में शामिल नहीं हुई तो यह भी पता नहीं चलेगा कि आपमें कितना टैलेंट है। कोशिश करो मम्मी, कामयाबी जरूर मिलेगी। स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट के फाइनल मुकाबले में दूसरा स्थान करने वाली पंचकूला के सेक्टर-21 निवासी बाला भारद्वाज ने जीत का श्रेय बेटी को देते हुए अमर उजाला की इस पहल की भरपूर तारीफ की।
जज्बे को सलाम-जीत के बगैर नहीं मानूंगी हार
जीत या हार उसे ही मिलती है, जो कांटेस्ट में शामिल हो। अमर उजाला की इस एनीशिएटिव ने महिलाओं और युवतियों की सोच बदलने में अहम भूमिका निभाई। सवालों के जवाब देने में थोड़ी चूक हुई, लेकिन अगली बार इससे और अच्छी तैयारी के साथ स्मार्टेस्ट वुमेन में जीतेंगे। ये हौंसला और जज्बा, उन प्रतिभागियों में दिखा जिन्होंने हार कर भी अमर उजाला की ओर से दिए गए इस प्लेटफॉर्म की तारीफें की।
पिछले साल भी कांटेस्ट में शामिल हो चुकी बल्टाना निवासी सुमन की सभी प्रतिभागियों ने खूब तारीफें की। बाला भारद्वाज और प्रियंका ने कहा कि साथ में होते भी उन्होंने कभी अपनी फिक्र नहीं की, हरेक को कांटेस्ट के तौर तरीकों के बारे में बारीकियां समझाई। सुमन ने कहा कि मुझे चाहे 17 वीं बार में जीत क्यों नहीं मिले, लेकिन मैं इस कांटेस्ट में जीत का सेहरा कभी न कभी जरूर पहनूंगी।
प्रियंका हांडा ने कहा कि मुझे कुछ सवालों के जवाब पता नहीं थे, लेकिन इस पहल से सैकड़ों युवतियों को भी एक नई दिशा मिलेगी। सेक्टर-15 निवासी राधा ने दिव्या दत्ता के सामने सवालों के बेहतरीन जवाब दिए, लेकिन उन्होंने कबूल किया कि प्रशभनों के जवाब देने में थोड़ी कमी रह गई।
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साथ में उन्होंने अमर उजाला की तहे दिल से तारीफ की। उन्होंने कहा हर वर्ग की महिलाओं और युवतियों में छुपी प्रतिभा को सामने लाने का यह एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। प्रीति मनन इस इवेंट में पंचकूला की विजेता बनीं, जबकि अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने फर्स्ट रनर अप का खिताब बाला भारद्वाज को और सेकेंड रनर अप का खिताब डॉ. सरवजीत कौर को दिया।
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जीत पर खुशी जाहिर करते हुए प्रीति मनन ने कहा कि अमर उजाला की ओर से पंचकूला के लिए यह दूसरी बार आयोजन किया गया। इस कांटेस्ट के जरिए महिलाओं और युवतियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। प्रीति ने कहा कि मुझे भरोसा था कि मैं जीतूंगी, क्योंकि पहले राउंड में सवालों के जवाब के बाद मेरा आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया था, जिसका अगले राउंड में भी फायदा मिला। दूसरे स्थान पर रही बाला भारद्वाज ने कहा कि ऐसे आयोजन से महिलाओं को काफी कुछ सीखने और खुद को साबित करने का मौका मिलता है। अभी तक पंचकूला में इस तरह का प्लेटफॉर्म कहीं नहीं मिला।
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बेटी ने भरा जज्बा, मम्मी बनी फर्स्ट रनर अप
मैं स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट के फाइनल मुकाबले में शामिल होने से कतरा रही थी। लेकिन, बेटी के एक मैसेज ने मेरा आत्मविश्ववास कई गुना बढ़ा दिया। बेटी की इस हौसलाफजाई की बदौलत मुझे यह खिताब मिला। बेटी ने मुझे कहा अगर आप, कांटेस्ट में शामिल नहीं हुई तो यह भी पता नहीं चलेगा कि आपमें कितना टैलेंट है। कोशिश करो मम्मी, कामयाबी जरूर मिलेगी। स्मार्टेस्ट वुमेन कांटेस्ट के फाइनल मुकाबले में दूसरा स्थान करने वाली पंचकूला के सेक्टर-21 निवासी बाला भारद्वाज ने जीत का श्रेय बेटी को देते हुए अमर उजाला की इस पहल की भरपूर तारीफ की।
जज्बे को सलाम-जीत के बगैर नहीं मानूंगी हार
जीत या हार उसे ही मिलती है, जो कांटेस्ट में शामिल हो। अमर उजाला की इस एनीशिएटिव ने महिलाओं और युवतियों की सोच बदलने में अहम भूमिका निभाई। सवालों के जवाब देने में थोड़ी चूक हुई, लेकिन अगली बार इससे और अच्छी तैयारी के साथ स्मार्टेस्ट वुमेन में जीतेंगे। ये हौंसला और जज्बा, उन प्रतिभागियों में दिखा जिन्होंने हार कर भी अमर उजाला की ओर से दिए गए इस प्लेटफॉर्म की तारीफें की।
पिछले साल भी कांटेस्ट में शामिल हो चुकी बल्टाना निवासी सुमन की सभी प्रतिभागियों ने खूब तारीफें की। बाला भारद्वाज और प्रियंका ने कहा कि साथ में होते भी उन्होंने कभी अपनी फिक्र नहीं की, हरेक को कांटेस्ट के तौर तरीकों के बारे में बारीकियां समझाई। सुमन ने कहा कि मुझे चाहे 17 वीं बार में जीत क्यों नहीं मिले, लेकिन मैं इस कांटेस्ट में जीत का सेहरा कभी न कभी जरूर पहनूंगी।
प्रियंका हांडा ने कहा कि मुझे कुछ सवालों के जवाब पता नहीं थे, लेकिन इस पहल से सैकड़ों युवतियों को भी एक नई दिशा मिलेगी। सेक्टर-15 निवासी राधा ने दिव्या दत्ता के सामने सवालों के बेहतरीन जवाब दिए, लेकिन उन्होंने कबूल किया कि प्रशभनों के जवाब देने में थोड़ी कमी रह गई।