{"_id":"617b0636aa72f01e02323e04","slug":"haryana-s-rural-areas-can-get-water-supply-panchkula-news-pkl431463053","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी पानी की सौगात: अंत्योदय योजना और परिवार पहचान पत्र की हरियाणा दिवस पर घोषणा संभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगी पानी की सौगात: अंत्योदय योजना और परिवार पहचान पत्र की हरियाणा दिवस पर घोषणा संभव
Fri, 29 Oct 2021 01:51 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 01:51 AM IST
सार
अंत्योदय योजना और परिवार पहचान पत्र की हरियाणा दिवस पर घोषणा संभव है। वहीं, हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों को भी पानी की सौगात मिल सकती है। अपने सात साल के कार्यकाल में की गई घोषणाओं को लेकर भी सीएम कई एलान कर सकते हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना को लेकर भी किसानों को सौगात दी जा सकती है।
विज्ञापन
सीएम मनोहर लाल
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में पानी आने वाले समय में चुनौती न बने सरकार इसकी तैयारी कर रही है। पानी के लिए प्रदेश में किए गए 7 साल के काम को मुख्यमंत्री हरियाणा की जनता के बीच पेश करते हुए ग्रामीणों के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा सूक्ष्म सिंचाई, परिवार पहचान पत्र, अंत्योदय योजना को लेकर भी बड़ी घोषणा संभव है। किसान अपने खेत का पानी खेत में इस्तेमाल कर सकें।
विज्ञापन
इसके लिए सरकार की ओर प्रयास किए जा रहे हैं। पानी बचाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है। लिहाजा बाढ़ के दौरान व्यर्थ होने वाले पानी को जमीन के नीचे भेजने की तैयारी चल रही है। आमतौर पर बाढ़ आने पर हरियाणा का पानी दिल्ली के लिए मुसीबत बनता है। इस पानी को यहां स्टोर किया जाएगा तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें-चंडीगढ़: टीबीआरएल की तकनीक और धमाकेदार प्रयोग देख गदगद हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बोले-मन गई मेरी दिवाली
विज्ञापन
विभाग ने 600 बोरवेल लगाए
इस कड़ी में सरकार ने कैथल में जमीन के नीचे बरसाती पानी भेजने के लिए 1000 रिवर्स बोरवेल मंजूर किए थे। इसमें से 600 बोरवेल विभाग ने लगा दिए हैं। जल्द ही इनकी जमीनी हकीकत दिखनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा प्रत्येक गांव में जल का आकलन कर यह बताया जाएगा कि किस गांव में कितने वर्ष के लिए पानी बचा है। इस पानी को अधिक समय तक कैसे बनाए रखें, इसके लिए भी किसानों को जागरूक किया जाएगा।
ये भी पढ़ें-कपूरथला: कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर जल्द दौड़ेंगे एनजी विस्टाडोम कोच, रेल कोच फैक्टरी के शैल असेंबली में स्थापित जिग शुरू
पौंड अथॉरिटी का गठन
इसके अलावा सरकार की ओर से पौंड अथॉरिटी का गठन किया गया है। हरियाणा तालाबों की मैपिंग में सभी राज्यों में पहले नंबर पर आया है। कई स्थानों पर लोगों की जीविका का साधन ही तालाब हैं। इन तालाबों पर कब्जे हटाने शुरू किए जा चुके हैं। चूंकि जमीन के नीचे पानी पहुंचाने में इन तालाबों का अधिक योगदान होता है। इसलिए इनका जीर्णोद्धार किया जाएगा।