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Panchkula News: वेतन नहीं मिला तो गारबेज कर्मियों ने रोका गारबेज कलेक्शन
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कालका-पिंजौर में सफाई व्यवस्था पर संकट, पीएफ और सैलरी स्लिप न देने पर भी जताई नाराजगी
कर्मियों का एलान- बकाया वेतन मिलने तक घरों से कचरा उठाने का काम रहेगा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। एक माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन कर्मियों ने शनिवार से काम बंद कर दिया। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले एक महीने से सैलरी नहीं मिली है, जबकि पीएफ नहीं काटने और सैलरी स्लिप उपलब्ध न कराने की समस्या भी बनी हुई है। कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाया वेतन मिलने तक वे घरों से कचरा उठाने का काम शुरू नहीं करेंगे। इससे कालका-पिंजौर में आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कर्मियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई के दौर में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और कई कर्मचारियों को रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कुछ कर्मचारियों का लंबे समय से पीएफ भी नहीं काटा जा रहा है। इसके अलावा उन्हें सैलरी स्लिप भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही।
कर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बकाया भुगतान होने तक काम बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
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नगर परिषद कालका की ओर से कालका-पिंजौर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपये का ठेका दिया गया है। इसके तहत डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। स्थानीय निवासी सचिन शर्मा का कहना है कि यदि ठेका लेने वाली एजेंसियां कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में असमर्थ हैं तो ठेका व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था शुरू होने के बाद से वेतन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कर्मचारियों के काम बंद करने का असर सीधे शहर की सफाई व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अनिल नैन, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद कालका ने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी को लेकर यदि कोई मामला है तो संबंधित एजेंसी के कांट्रेक्टर से बात की जाएगी।
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कर्मियों का एलान- बकाया वेतन मिलने तक घरों से कचरा उठाने का काम रहेगा बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। एक माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन कर्मियों ने शनिवार से काम बंद कर दिया। कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले एक महीने से सैलरी नहीं मिली है, जबकि पीएफ नहीं काटने और सैलरी स्लिप उपलब्ध न कराने की समस्या भी बनी हुई है। कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बकाया वेतन मिलने तक वे घरों से कचरा उठाने का काम शुरू नहीं करेंगे। इससे कालका-पिंजौर में आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कर्मियों ने बताया कि वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। महंगाई के दौर में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है और कई कर्मचारियों को रिश्तेदारों व दोस्तों से उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कुछ कर्मचारियों का लंबे समय से पीएफ भी नहीं काटा जा रहा है। इसके अलावा उन्हें सैलरी स्लिप भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही।
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कर्मियों का कहना है कि वे नियमित रूप से घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करते हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में बकाया भुगतान होने तक काम बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
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नगर परिषद कालका की ओर से कालका-पिंजौर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए करोड़ों रुपये का ठेका दिया गया है। इसके तहत डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन के लिए ड्राइवर, हेल्पर, सुपरवाइजर समेत अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं।
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। स्थानीय निवासी सचिन शर्मा का कहना है कि यदि ठेका लेने वाली एजेंसियां कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में असमर्थ हैं तो ठेका व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। उनका कहना है कि डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन व्यवस्था शुरू होने के बाद से वेतन को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कर्मचारियों के काम बंद करने का असर सीधे शहर की सफाई व्यवस्था और आम लोगों पर पड़ता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अनिल नैन, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद कालका ने कहा कि कर्मचारियों की सैलरी को लेकर यदि कोई मामला है तो संबंधित एजेंसी के कांट्रेक्टर से बात की जाएगी।