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पंचकूला पुलिस ने दबोचा भगोड़ा, दो साल पहले ठगे थे 25 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2016 12:59 AM IST
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हेल्थ्ा क्राइम
- फोटो : Desk
करीब दो साल पहले 25 लाख रूपये की ठगी करके फरार आरोपी को सेक्टर 5 थाना पुलिस ने पिंजौर के वासुदेवनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पिंजौर के अवतार सिंह के रूप में हुई। यह मामला वर्ष 2013 का है।
मौली रायपुररानी के संजीव चौहान ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया था कि 2013 में उसकी मुलाकात शिमला निवासी हेतराम से हुई थी। हेतराम ने उसकी मुलाकात दिल्ली के पवन पसरीचा से कंपनी का निदेशक के रूप में करवाई थी। हेतराम ने संजीव को बताया कि मौली में हितेश्वरी पेपर मॉलडिंग नाम एक फैक्टरी है। जिसके पांच निदेशक है और उनमें एक निदेशक अपना हिस्सा बेचना चाहता है। अगर वो चाहे तो उसे कंपनी का पांचवा निदेशक बनाया जा सकता है।
जिसके एवेज में उसे कंपनी को 25 लाख देने होगें। इस पर संजीव चौहान ने हेतराम के जरिए पवन पसरीचा को 25 लाख रूपये दिए। लेकिन 25 लाख रूपये देने के बावजूद भी जब काफी दिनों तक संजीव को कोई दस्तावेज नही मिले तो उसने हेतराम से पुछा , परंतु वह भी उसे टालमटोल करने लगा। इसके बाद संजीव को पता चला कि कंपनी के शेयर 13 लाख रूपये में पिंजौर के अवतार सिंह के नाम कर दि हैं। संजीव ने इसकी शिकायत 2013 में डीसीपी पंचकूला को दी।
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जिसके बाद डीसीपी ने इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की तो उसको पता चला कि मौली में हितेश्वरी पेपर मॉलडिंग नाम की कोई कपंनी नही है। इसके बाद आथक अपराध शाखा ने तीनों के खिलाफ 406, 506, 420 एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिल्ली से पवन पसरीचा को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में हेतराम और अवतार सिंह पुलिस की पकड से बाहर रहे। 1/12/15 को जिला अदालत ने दोनों को भगोडा घोषित कर दिया।
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मौली रायपुररानी के संजीव चौहान ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया था कि 2013 में उसकी मुलाकात शिमला निवासी हेतराम से हुई थी। हेतराम ने उसकी मुलाकात दिल्ली के पवन पसरीचा से कंपनी का निदेशक के रूप में करवाई थी। हेतराम ने संजीव को बताया कि मौली में हितेश्वरी पेपर मॉलडिंग नाम एक फैक्टरी है। जिसके पांच निदेशक है और उनमें एक निदेशक अपना हिस्सा बेचना चाहता है। अगर वो चाहे तो उसे कंपनी का पांचवा निदेशक बनाया जा सकता है।
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जिसके एवेज में उसे कंपनी को 25 लाख देने होगें। इस पर संजीव चौहान ने हेतराम के जरिए पवन पसरीचा को 25 लाख रूपये दिए। लेकिन 25 लाख रूपये देने के बावजूद भी जब काफी दिनों तक संजीव को कोई दस्तावेज नही मिले तो उसने हेतराम से पुछा , परंतु वह भी उसे टालमटोल करने लगा। इसके बाद संजीव को पता चला कि कंपनी के शेयर 13 लाख रूपये में पिंजौर के अवतार सिंह के नाम कर दि हैं। संजीव ने इसकी शिकायत 2013 में डीसीपी पंचकूला को दी।
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जिसके बाद डीसीपी ने इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा। आर्थिक अपराध शाखा ने जांच की तो उसको पता चला कि मौली में हितेश्वरी पेपर मॉलडिंग नाम की कोई कपंनी नही है। इसके बाद आथक अपराध शाखा ने तीनों के खिलाफ 406, 506, 420 एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिल्ली से पवन पसरीचा को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में हेतराम और अवतार सिंह पुलिस की पकड से बाहर रहे। 1/12/15 को जिला अदालत ने दोनों को भगोडा घोषित कर दिया।