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पॉवर सेक्टर को सुधारेंगे चार ‘आर’
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चंडीगढ़। पॉवर सेक्टर में सुधार करने के लिए विभाग ने चार आर का सहारा लिया है। अंग्रेजी वर्णमाला का यह वह महत्वपूर्ण अक्षर है जो विभाग को भा गया है। शुक्रवार को बिजली निगमों की बैठक में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने आर का महत्व बताया। विभाग की पहली बैठक में उन्होंने स्मार्ट मीटर पर जोर दिया।
दास ने बताया कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से हाथ से भेजे जाने वाले बिल कम हो सकते हैं। यह बिल मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। स्मार्ट मीटराें में रिमोट एक्सेस और प्रीपेड बिजली देने की भी गुंजाइश है। उन्होंने बताया कि रिलायबिलिटी, रिलेशन मैनेजमेंट, रेवेन्यू मैकेनिज्म और रिस्क कवर से बिजली विभाग को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। जिसमें रिलायबिलटी में लाइन लॉस कम करना, नए ट्रांसफार्मर लगाना और बिजली घराें की क्षमता बढ़ाने क ा काम शामिल होगा। जबकि रिलेशन मैनेजमेंट में उपभोक्ता के साथ मित्रवत व्यवहार बनाना सिखाया जाएगा। ऐसा नहीं होगा कि उपभोक्ता बिजली कनेक्शन लेने जा रहा है और इधर से उधर धक्के खा रहा है। यहां उसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा।
इसके अलावा रेवेन्यू मैकेनिज्म में बिजली बेच कर राजस्व बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया जाएगा। जिसमें बिजली बिलों की रिकवरी और सब्सिडी पर भी जोर दिया जाएगा। जहां तक चौथे आर रिस्क मैनेजमेंट का सवाल है। यह मामला बेहद गंभीर है। विभाग की यह प्राथमिकता होगी कि बिजली कर्मचारियों को काम के दौरान सुरक्षा दे, साथ ही लोगों के घरों की बालकनी के पास से गुजर रहे बिजली के तारों को कवर करवाया जाएगा। जिससे हादसे कम हो सकें। इसके अलावा विभाग का फोकस नए सब स्टेशन, पुराने तार बदलने, ट्रांसफार्मराें पर लोड अधिक न होने और मेंटेनेंस बढ़िया होने की तरफ दिया जाएगा।
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हमारे पास पर्याप्त बिजली है, हम सरप्लस बिजली ले रहे हैं, लिहाजा उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। बैठक में इन्हीं बातों पर गौर किया है कि हरियाणा में बिजली को लेकर उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो।
पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली
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दास ने बताया कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से हाथ से भेजे जाने वाले बिल कम हो सकते हैं। यह बिल मेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। स्मार्ट मीटराें में रिमोट एक्सेस और प्रीपेड बिजली देने की भी गुंजाइश है। उन्होंने बताया कि रिलायबिलिटी, रिलेशन मैनेजमेंट, रेवेन्यू मैकेनिज्म और रिस्क कवर से बिजली विभाग को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। जिसमें रिलायबिलटी में लाइन लॉस कम करना, नए ट्रांसफार्मर लगाना और बिजली घराें की क्षमता बढ़ाने क ा काम शामिल होगा। जबकि रिलेशन मैनेजमेंट में उपभोक्ता के साथ मित्रवत व्यवहार बनाना सिखाया जाएगा। ऐसा नहीं होगा कि उपभोक्ता बिजली कनेक्शन लेने जा रहा है और इधर से उधर धक्के खा रहा है। यहां उसके लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया जाएगा।
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इसके अलावा रेवेन्यू मैकेनिज्म में बिजली बेच कर राजस्व बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया जाएगा। जिसमें बिजली बिलों की रिकवरी और सब्सिडी पर भी जोर दिया जाएगा। जहां तक चौथे आर रिस्क मैनेजमेंट का सवाल है। यह मामला बेहद गंभीर है। विभाग की यह प्राथमिकता होगी कि बिजली कर्मचारियों को काम के दौरान सुरक्षा दे, साथ ही लोगों के घरों की बालकनी के पास से गुजर रहे बिजली के तारों को कवर करवाया जाएगा। जिससे हादसे कम हो सकें। इसके अलावा विभाग का फोकस नए सब स्टेशन, पुराने तार बदलने, ट्रांसफार्मराें पर लोड अधिक न होने और मेंटेनेंस बढ़िया होने की तरफ दिया जाएगा।
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हमारे पास पर्याप्त बिजली है, हम सरप्लस बिजली ले रहे हैं, लिहाजा उपभोक्ताओं को कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। बैठक में इन्हीं बातों पर गौर किया है कि हरियाणा में बिजली को लेकर उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो।
पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, बिजली