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Panchkula News: पंचकूला की पूर्व मेयर उपिंदर आहलूवालिया भाजपा में शामिल
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सियासत में बड़ा उलटफेर, सीएम सैनी और प्रदेशाध्यक्ष ने दिलाई सदस्यता
कांग्रेस को झटका; नगर निगम चुनाव से पहले बदले समीकरण
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला की सियासत में बड़ा उलटफेर करते हुए पूर्व मेयर उपिंदर आहलूवालिया ने भाजपा का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने उनके निवास पर पहुंचकर सदस्यता दिलाई, जिससे नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
उपिंदर आहलूवालिया के साथ उनके पति धनेंद्र आहलूवालिया ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल और पार्षद उम्मीदवारों को मजबूती मिल सकती है।
उपिंदर आहलूवालिया का राजनीतिक सफर 1995 में फतेहपुर गांव की सरपंच बनने से शुरू हुआ था। इसके बाद वह जिला परिषद सदस्य और पार्षद रहीं। वर्ष 2013 से 2018 तक वह कांग्रेस की टिकट पर पंचकूला की पहली महिला मेयर बनीं और महिला कांग्रेस में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद भी संभाला। 2020 के मेयर चुनाव में उन्होंने भाजपा-जजपा गठबंधन के उम्मीदवार कुलभूषण गोयल को कड़ी टक्कर दी थी।
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भाजपा में शामिल होने के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें आगे क्या जिम्मेदारी देती है। हालांकि भाजपा पहले ही श्यामलाल बंसल को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, ऐसे में आने वाले समय में उनकी भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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कांग्रेस को झटका
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला की सियासत में बड़ा उलटफेर करते हुए पूर्व मेयर उपिंदर आहलूवालिया ने भाजपा का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने उनके निवास पर पहुंचकर सदस्यता दिलाई, जिससे नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
उपिंदर आहलूवालिया के साथ उनके पति धनेंद्र आहलूवालिया ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल और पार्षद उम्मीदवारों को मजबूती मिल सकती है।
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उपिंदर आहलूवालिया का राजनीतिक सफर 1995 में फतेहपुर गांव की सरपंच बनने से शुरू हुआ था। इसके बाद वह जिला परिषद सदस्य और पार्षद रहीं। वर्ष 2013 से 2018 तक वह कांग्रेस की टिकट पर पंचकूला की पहली महिला मेयर बनीं और महिला कांग्रेस में प्रदेश उपाध्यक्ष का पद भी संभाला। 2020 के मेयर चुनाव में उन्होंने भाजपा-जजपा गठबंधन के उम्मीदवार कुलभूषण गोयल को कड़ी टक्कर दी थी।
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भाजपा में शामिल होने के बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी उन्हें आगे क्या जिम्मेदारी देती है। हालांकि भाजपा पहले ही श्यामलाल बंसल को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, ऐसे में आने वाले समय में उनकी भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।