फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   File of 97 aided colleges stuck in education department for two and a half years

शिक्षा महकमे में ढाई साल से अटकी ऐडेड कॉलेजों की फाइल

Wed, 08 Jun 2022 01:27 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
File of 97 aided colleges stuck in education department for two and a half years
चंडीगढ़। हरियाणा के 97 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के अच्छे दिन नहीं आ रहे। कॉलेजों के स्टाफ को सरकारी कॉलेजों में समायोजित करने की नीति बनने के बावजूद ढाई साल से फाइल शिक्षा विभाग में अटकी हुई है। मुख्यमंत्री नीति को मंजूरी दे चुके हैं। वित्त विभाग ने कुछ सुझावों और टिप्पणियों की जानकारी के लिए फाइल शिक्षा विभाग को भेजी गई थी, जो अफसरों के मेज से हिल नहीं पा रही।
विज्ञापन

कॉलेजों में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ के 4600 पद स्वीकृत हैं, जिनके विरुद्घ 1971 शिक्षक और 1140 गैर शिक्षक कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार ने कॉलेजों को टेकओवर करने का वादा तो निभा दिया, लेकिन नीति को धरातल पर लागू करने में अफसरशाही रोड़ा बन गई है। स्टाफ को 7वें वेतनमान के अनुसार संशोधित एचआरए का लाभ नहीं मिल रहा। एनपीएस कर्मियों की डेथ कम रिटायरमेंट ग्रेच्युटी पिछले 4 वर्षों से लंबित है। मेडिकल भत्ता एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ता का लाभ रुका हुआ है। मृतक कर्मचारियों को एक्सग्रेसिया या अनुकंपा सहायता नहीं मिल रही। सेवा एवं अवकाश नियमों में बदलाव नहीं हो पाया। चाइल्ड शिक्षा भत्ता, सीसीएल और पितृत्व अवकाश से भी कर्मचारी वंचित हैं। सरकार की बनाई नीति ऐच्छिक है। सरकारी कॉलेजों में सेवानिवृत्ति की आयु 58 वर्ष, जबकि ऐडेड कॉलेजों में 60 वर्ष है। इसलिए सरकार ने कर्मचारियों को विकल्प दिया है कि जो टेकओवर नहीं होना चाहते, वे ऐडेड कॉलेजों में ही काम कर सकते हैं। आंध्रप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में ऐसे कॉलेजों के स्टाफ का सरकारी कॉलेजों में समायोजन किया जा चुका है। ऐडेड कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों ने सरकार से समायोजन प्रक्रिया जल्दी सिरे चढ़ाने की मांग की है।
विज्ञापन

सरकार स्तर पर फंसा हुआ पेच
ऐडेड कॉलेजों का स्टाफ शिक्षामंत्री कंवरपाल से अनेक बार मुलाकात कर चुका है। लेकिन, ठोस आश्वासन नहीं मिल रहा। सूत्रों के अनुसार शिक्षामंत्री की तरफ से अधिकारियों को फाइल क्लीयर करने की अनुमति अभी तक नहीं मिली है। इससे पेच फंसा हुआ है। सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान डॉ. राजबीर व उपप्रधान बिजेंद्र कादयान ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल से समय लेने के लिए पत्र लिख रहे हैं। उनके समक्ष स्टाफ की बात रखी जाएगी। शिक्षामंत्री से भी आग्रह है कि उनकी मांग को पूरा करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed