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फीस विवाद बढ़ा.. भवन विद्यालय के गेट पर किया प्रदर्शन

Fri, 09 Apr 2021 01:35 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 09 Apr 2021 01:35 AM IST
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Fee dispute increased .. Demonstration done at the gate of Bhavan Vidyalaya
फीस वृद्धि के विरोध में धरना देते अभिभावक। - फोटो : PKL OFFICE
पंचकूला। ट्यूशन फीस और एनुअल चार्ज को लेकर स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां स्कूल प्रबंधन फीस जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अभिभावक ट्यूशन फीस में की गई बढ़ोतरी और एनुअल चार्ज को जमा करवाने को तैयार नहीं है। इसी मामले को लेकर वीरवार को सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय के बाहर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने भी अभिभावकों के साथ धरना दिया। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने 140 प्रतिशत फीस में वृद्धि की है, जबकि स्कूल प्रबंधन समिति का कहना है कि फीस सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही ली जा रही है आरोप बेबुनियाद हैं।
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प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि कोरोना महामारी के प्रकोप ने सभी के जीवन को प्रभावित किया है। सेक्टर-15 स्थित भवन विद्यालय प्रबंधन बच्चों की ट्यूशन फीस 140 प्रतिशत वृद्धि के साथ जमा करवाने का दबाव डाल रहा है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से ट्यूशन फीस वृद्धि को वापस लेने और तर्कसंगत बनाने की मांग की। स्थिति सामान्य होने तक ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएं। स्कूल प्रशासन को किसी भी तरह अभिभावकों को सहमति पत्र हस्ताक्षर करने, कोरोना टेस्ट करवाने और छात्रों को स्कूल भेजकर उनका स्वास्थ्य जोखिम में डालने के लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।
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शिक्षा के नाम पर नहीं होने देंगे लूट
प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने कहा कि शिक्षा के नाम पर किसी भी सूरत में लूट नहीं होने देंगे। इतना ही नहीं जो भी विद्यालय प्रबंधन ऐसा करेगा उसके खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। फीस के नाम पर अभिभावकों और बच्चों को परेशान करना गलत है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मामले को लेकर जिला उपायुक्त और प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री से भी बात करेंगे।
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परीक्षा परिणाम रोकना नियमों के खिलाफ
पंचकूला पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्य मनीष बांगड़ ने कहा कि जिले के कई निजी स्कूल प्रबंधन ने ऑनलाइन क्लास से बच्चों को हटा दिया है। इतना ही नहीं बच्चों के परीक्षा परिणाम रोक रखे हैं जोकि नियमों के खिलाफ हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फीस 2019-20 की तरह ही ली जाए। कोर्ट ने केवल ट्यूशन फीस ही लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने फैसले में ये भी कहा है कि फीस जमा न होने पर किसी भी बच्चे को फिजिकल एवं ऑनलाइन कक्षा से वंचित नहीं रख सकते हैं। इतना ही नहीं स्कूल प्रबंधन किसी बच्चे का रिजल्ट भी नहीं रोक सकते हैं। बांगड़ ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी सबकुछ जानकर भी अनजान बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाया तो एसोसिएशन हाईकोर्ट जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ही ले रहे फीस : गुलशन कौर
भवन विद्यालय की प्रिंसिपल गुलशन कौर ने बताया कि वर्ष 2019-20 में जो फीस लेते थे, वही फीस वर्ष 2020-21 में लेनी थी। गत वर्ष हमने यह फीस पूरी चार्ज नहीं की थी। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दे दिया कि फीस पिछले एरियर के साथ ले सकते हैं तो वही चार्ज करेंगे। वर्ष 2021-22 में जो बढ़ोतरी करनी थी वह 8 से 10 प्रतिशत की है। 140 प्रतिशत की जो लोग बात कर रहे हैं वह गलत है। हरियाणा सरकार ने भी कहा था कि यदि आप फार्म 6 जमा करते हैं तो पूरी फीस ले सकते हैं जोकि भवन विद्यालय ने दे रखा है। जो लोग धरने पर बैठे हैं वह अभिभावक नहीं है। 10-12 अभिभावकों को उकसाकर धरना देने की कोशिश करवाई जा रही है। यह स्कूल को बदनाम करने की कोशिश है।

धरने में उपस्थित बच्चे।

धरने में उपस्थित बच्चे। - फोटो : PKL OFFICE

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