{"_id":"619813242b091a29484f7f01","slug":"farmer-s-movement-nhai-loss-of-550-crore-in-haryana-panchkula-news-pkl4335354195","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन : एक साल में एनएचएआई को 550 करोड़ का घाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन : एक साल में एनएचएआई को 550 करोड़ का घाटा
विज्ञापन
चंडीगढ़। तीनों कृषि कानूनों के चलते हरियाणा में एक साल से टोल प्लाजा बंद होने से एनएचएआई को 550 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। अकेेले पानीपत-जालंधर रोड पर स्थित तीन टोल प्लाजा को रोजाना एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान झेलना पड़ा अब कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद टोल कंपनियां फिर से टोल शुरू करने की तैयारियां में जुट गई हैं। फिलहाल टोल प्लाजा बूथों पर किसानों का जमावड़ा है।
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर में करीब 58 टोल प्लाजा हैं। पिछले साल 26 नवंबर से हरियाणा और आसपास के इलाके के टोल प्लाजा पर वसूली बंद है। लोकसभा में केंद्र सरकार ने माना है कि इस साल एनएचएआई को किसान आंदोलन के चलते 3500 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ है। किसानों के विरोध के चलते टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली बंद की गई है और कंपनियों के कर्मचारियों के स्थान पर किसानों ने डेरा जमा रखा है। प्रदेश में सभी टोल फ्री चल रहे हैं और वाहन बिना टैक्स दिए ही निकल रहे हैं। बीच में एकाध स्थान पर टोल टैक्स शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन किसानों के विरोध के चलते कंपनियों को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। बढ़ते नुकसान को देखते हुए टोल कंपनियों ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखने के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। मार्च 2021 तक हरियाणा का नुकसान 326 करोड़ रुपये आंका गया था।
...........
टोल प्लाजा पर किसानों का जमावड़ा
टोल वसूलने के लिए जहां सरकार ने फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया, वहीं हरियाणा टोल प्लाजा पर किसान डेरा डाले हुए हैं। वाहनों के गुजरने के लिए एक-दो गलियां खाली छोड़ी गई हैं। वाहनों का निशुल्क गुजरना जारी है। अगर कोई टोल कंपनी टैक्स शुरू करने की कोशिश करती है तो किसान हंगामा खड़ा कर देते हैं।
विज्ञापन
.....
हाईकोर्ट पहुंची टोल कंपनी
पानीपत-जालंधर एनएच टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड किसान आंदोलन से हो रहे नुकसान को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी है। कंपनी ने बताया कि किसान आंदोलन कंपनी को 1 करोड़ रोजाना से अधिक का नुकसान हो रहा है, जबकि कंपनी ने इस मार्ग के लिए 5689 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कंपनी के जीटी रोड पर लाडोवाला, घग्गर और घरौंड़ा में तीन टोल हैं और तीनों बंद चल रहे हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के साथ-साथ एनसीआर में करीब 58 टोल प्लाजा हैं। पिछले साल 26 नवंबर से हरियाणा और आसपास के इलाके के टोल प्लाजा पर वसूली बंद है। लोकसभा में केंद्र सरकार ने माना है कि इस साल एनएचएआई को किसान आंदोलन के चलते 3500 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ है। किसानों के विरोध के चलते टोल प्लाजा पर टैक्स वसूली बंद की गई है और कंपनियों के कर्मचारियों के स्थान पर किसानों ने डेरा जमा रखा है। प्रदेश में सभी टोल फ्री चल रहे हैं और वाहन बिना टैक्स दिए ही निकल रहे हैं। बीच में एकाध स्थान पर टोल टैक्स शुरू करने की कोशिश की गई, लेकिन किसानों के विरोध के चलते कंपनियों को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। बढ़ते नुकसान को देखते हुए टोल कंपनियों ने हरियाणा सरकार को पत्र लिखने के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। मार्च 2021 तक हरियाणा का नुकसान 326 करोड़ रुपये आंका गया था।
विज्ञापन
...........
टोल प्लाजा पर किसानों का जमावड़ा
टोल वसूलने के लिए जहां सरकार ने फास्टैग सिस्टम लागू कर दिया, वहीं हरियाणा टोल प्लाजा पर किसान डेरा डाले हुए हैं। वाहनों के गुजरने के लिए एक-दो गलियां खाली छोड़ी गई हैं। वाहनों का निशुल्क गुजरना जारी है। अगर कोई टोल कंपनी टैक्स शुरू करने की कोशिश करती है तो किसान हंगामा खड़ा कर देते हैं।
विज्ञापन
.....
हाईकोर्ट पहुंची टोल कंपनी
पानीपत-जालंधर एनएच टोल-वे प्राइवेट लिमिटेड किसान आंदोलन से हो रहे नुकसान को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुकी है। कंपनी ने बताया कि किसान आंदोलन कंपनी को 1 करोड़ रोजाना से अधिक का नुकसान हो रहा है, जबकि कंपनी ने इस मार्ग के लिए 5689 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कंपनी के जीटी रोड पर लाडोवाला, घग्गर और घरौंड़ा में तीन टोल हैं और तीनों बंद चल रहे हैं।