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किसान नेता उतरेंगे चुनाव मैदान में, महापंचायत में फैसला
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गुरदासपुर। कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ लंबे समय से किसान दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में किसान संगठनों द्वारा रविवार को गुरदासपुर में किसान महापंचायत की गई। किसान महापंचायत में गुरनाम सिंह चड़ूनी, चौधरी वरिंदर सिंह हुड्डा, लक्खा सिधाना, जगदीप रंधावा समेत कई किसान नेता शामिल हुए।
इस दौरान नेताओं ने चुनाव लड़ने की भी बात कही। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह व लक्ख सिधाना ने कहा कि केंद्र सरकार जो कहती है वो नहीं करती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है। किसानों के खिलाफ लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार फसलों को बड़े व्यापारियों को सौंपना चाहती है।
इस बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और अमित शाह के बीच हुई बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि जैसा दिख रहा है वास्तव में वैसा नहीं है, किसानों की सुध कोई नहीं ले रहा। धान की जल्द सरकारी खरीद पर उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद किसानों ने धरना देकर शुरू करवाई है। किसी राजनेता की सिफारिश पर धान की खरीद शुरु नहीं हुई।
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उन्होंने कहा कि अब किसान संगठन भी राजनीतिक अखाड़े में आएंगे और सत्ता अपने हाथ में लाने के लिए चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तुरंत कृषि कानून वापस ले, नहीं तो संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
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इस दौरान नेताओं ने चुनाव लड़ने की भी बात कही। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता गुरनाम सिंह व लक्ख सिधाना ने कहा कि केंद्र सरकार जो कहती है वो नहीं करती। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान विरोधी है। किसानों के खिलाफ लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार फसलों को बड़े व्यापारियों को सौंपना चाहती है।
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इस बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और अमित शाह के बीच हुई बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि जैसा दिख रहा है वास्तव में वैसा नहीं है, किसानों की सुध कोई नहीं ले रहा। धान की जल्द सरकारी खरीद पर उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद किसानों ने धरना देकर शुरू करवाई है। किसी राजनेता की सिफारिश पर धान की खरीद शुरु नहीं हुई।
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उन्होंने कहा कि अब किसान संगठन भी राजनीतिक अखाड़े में आएंगे और सत्ता अपने हाथ में लाने के लिए चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार तुरंत कृषि कानून वापस ले, नहीं तो संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।