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Panchkula News: ज्ञानचंद गुप्ता पर तीसरी बार जताया भरोसा, कालका में शक्तिरानी शर्मा भाजपा उम्मीदवार
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पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला और कालका विधानसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशियों का मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। क्योंकि तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए भाजपा हाईकमान ने पंचकूला से तीसरी बार ज्ञानचंद गुप्ता और कालका से नया चेहरा शक्तिरानी शर्मा को मैदान में उतारा है।
एक ओर जहां पिछले दो चुनावों में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी पंचकूला में तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है। वहीं पार्टी कालका विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीत के लिए लतिका शर्मा की जगह शक्ति रानी शर्मा पर भरोसा जताया है।
पंचकूला सीट पर 2014 और 2019 में बीजेपी के ज्ञान चंद गुप्ता ने जीत हासिल की थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में ज्ञान चंद गुप्ता को 61537 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के चंद्रमोहन 55,904 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं कालका से भाजपा की लतिका शर्मा को हराकर कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने जीत हासिल की थी।
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चुनाव में विकास होगा प्रमुख मुद्दा : ज्ञानचंद
विधानसभा ज्ञानचंद गुप्ता ने फिर से टिकट मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया है। साथ ही कहा है कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसपर खरा उतरेंगे। इस बार 2019 से अधिक मतों से विजयी होंगे। चुनाव में विकास प्रमुख मुद्दा रहेगा।
उम्मीदों पर खरी उतरूंगी : शक्ति रानी
शक्ति रानी शर्मा ने पहली बार टिकट मिलने पर पार्टी हाई कमान का आभार जताते हुए कहा कि उम्मीदों पर खरा उतरूंगी। शक्ति रानी शर्मा हरियाणा जनचेतना पार्टी के प्रमुख विनोद शर्मा की पत्नी हैं जो केंद्रीय मंत्री रहे हैं। शक्ति रानी शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे, हालांकि कार्तिकेय राज्यसभा चुनाव के लिए आजाद प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए थे। फिलहाल वो सदन के अंदर और बाहर हर वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। जिसके चलते प्रदेश की राजनीति में उनको खासी तवज्जो भी मिल रही है। ब्राह्मण सम्मेलन के सफल आयोजन के जरिए वह प्रदेश की सियासत में अपना दम भी दिखा चुके हैं।
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पंचकूला विधान सभा सीट का इतिहास
अंबाला लोकसभा चुनाव क्षेत्र में आने वाले पंचकूला विधानसभा क्षेत्र का पहला चुनाव 2009 में हुआ था, तब कांग्रेस के देवेंद्र कुमार बंसल विधायक चुने गए थे, लेकिन 2014 के चुनाव में यहां से बीजेपी के ज्ञानचंद गुप्ता विधायक बनने में सफल रहे। यहां से 2014 और 2019 में बीजेपी के ज्ञान चंद गुप्ता ने लगातार दो बार जीत दर्ज की। 2019 के विधानसभा चुनाव में ज्ञान चंद गुप्ता को 61537 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के चंद्रमोहन को 55,904 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भी कांटे का मुकाबला होना तय है।
कालका विधानसभा सीट का इतिहास
कालका विधानसभा सीट पर पहली बार 1967 में विधानसभा चुनाव हुए और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर एल सिंह विधायक बने। कांग्रेस का इस इलाके में लंबे समय तक दबदबा रहा है। कालका विधान सभा सीट पर 1967 से लेकर 2019 तक 14 चुनाव हो चुके हैं। जिनमें कांग्रेस ने यहां 7 बार जीत दर्ज की है, 2 बार निर्दलीय, एक बार भाजपा, एक बार आईएनएलडी, एक बार लोकदल और एक बार जनता पार्टी।
यह सीट भजन लाल के प्रभाव वाली सीट मानी जाती है, जिसके कारण उनके बेटे चंद्र मोहन चार बार जीत दर्ज कर सके। 2014 में हुए चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल कर अपना खाता खोला था, लेकिन 2019 में कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने इस सीट पर जीत हासिल की।
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एक ओर जहां पिछले दो चुनावों में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी पंचकूला में तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाने की उम्मीद कर रही है। वहीं पार्टी कालका विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार जीत के लिए लतिका शर्मा की जगह शक्ति रानी शर्मा पर भरोसा जताया है।
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पंचकूला सीट पर 2014 और 2019 में बीजेपी के ज्ञान चंद गुप्ता ने जीत हासिल की थी। 2019 के विधानसभा चुनाव में ज्ञान चंद गुप्ता को 61537 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के चंद्रमोहन 55,904 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं कालका से भाजपा की लतिका शर्मा को हराकर कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने जीत हासिल की थी।
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चुनाव में विकास होगा प्रमुख मुद्दा : ज्ञानचंद
विधानसभा ज्ञानचंद गुप्ता ने फिर से टिकट मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार जताया है। साथ ही कहा है कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसपर खरा उतरेंगे। इस बार 2019 से अधिक मतों से विजयी होंगे। चुनाव में विकास प्रमुख मुद्दा रहेगा।
उम्मीदों पर खरी उतरूंगी : शक्ति रानी
शक्ति रानी शर्मा ने पहली बार टिकट मिलने पर पार्टी हाई कमान का आभार जताते हुए कहा कि उम्मीदों पर खरा उतरूंगी। शक्ति रानी शर्मा हरियाणा जनचेतना पार्टी के प्रमुख विनोद शर्मा की पत्नी हैं जो केंद्रीय मंत्री रहे हैं। शक्ति रानी शर्मा के बेटे कार्तिकेय शर्मा भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे, हालांकि कार्तिकेय राज्यसभा चुनाव के लिए आजाद प्रत्याशी के तौर पर खड़े हुए थे। फिलहाल वो सदन के अंदर और बाहर हर वर्ग से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। जिसके चलते प्रदेश की राजनीति में उनको खासी तवज्जो भी मिल रही है। ब्राह्मण सम्मेलन के सफल आयोजन के जरिए वह प्रदेश की सियासत में अपना दम भी दिखा चुके हैं।
पंचकूला विधान सभा सीट का इतिहास
अंबाला लोकसभा चुनाव क्षेत्र में आने वाले पंचकूला विधानसभा क्षेत्र का पहला चुनाव 2009 में हुआ था, तब कांग्रेस के देवेंद्र कुमार बंसल विधायक चुने गए थे, लेकिन 2014 के चुनाव में यहां से बीजेपी के ज्ञानचंद गुप्ता विधायक बनने में सफल रहे। यहां से 2014 और 2019 में बीजेपी के ज्ञान चंद गुप्ता ने लगातार दो बार जीत दर्ज की। 2019 के विधानसभा चुनाव में ज्ञान चंद गुप्ता को 61537 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के चंद्रमोहन को 55,904 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भी कांटे का मुकाबला होना तय है।
कालका विधानसभा सीट का इतिहास
कालका विधानसभा सीट पर पहली बार 1967 में विधानसभा चुनाव हुए और निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर एल सिंह विधायक बने। कांग्रेस का इस इलाके में लंबे समय तक दबदबा रहा है। कालका विधान सभा सीट पर 1967 से लेकर 2019 तक 14 चुनाव हो चुके हैं। जिनमें कांग्रेस ने यहां 7 बार जीत दर्ज की है, 2 बार निर्दलीय, एक बार भाजपा, एक बार आईएनएलडी, एक बार लोकदल और एक बार जनता पार्टी।
यह सीट भजन लाल के प्रभाव वाली सीट मानी जाती है, जिसके कारण उनके बेटे चंद्र मोहन चार बार जीत दर्ज कर सके। 2014 में हुए चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल कर अपना खाता खोला था, लेकिन 2019 में कांग्रेस के प्रदीप चौधरी ने इस सीट पर जीत हासिल की।