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Panchkula News: बिजली निजीकरण के खिलाफ कर्मचारियों का हल्ला बोल

Fri, 23 Oct 2026 02:12 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:12 AM IST
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Employees protest against power privatization
पंचकूला। बिजली विभागों के निजीकरण और निजी कंपनियों को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में हरियाणा के बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 22 से 24 अक्टूबर तक प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। हड़ताल के पहले दिन पंचकूला की पावर कॉलोनी में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी और अधिकारी एकत्र हुए। उन्होंने निजीकरण की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए सरकार से कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करने की मांग की।
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संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं पुनीत कुंडू, रविंदर घणघस, सोनू नागर, अनिल कालीरमन, बलदेव सैनी, रेनू कुमारी, राजीव चौहान, राकेश नैन, राकेश बागड़ी, अमित भोंसले, रमेश कुमार और मंजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की लड़ाई केवल वेतन और भत्तों तक सीमित नहीं है। यह सरकारी बिजली व्यवस्था को बचाने, युवाओं के रोजगार की रक्षा करने और आम जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध करवाने का संघर्ष है।
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हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से इलेवन पावर लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह क्षेत्र में बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस दिए जाने से सरकारी बिजली विभाग के राजस्व और आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। सरकारी विभागों को मजबूत करने और रिक्त पदों पर भर्ती करने के बजाय निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना चिंता का विषय है।
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बोले- बिजली केवल मुनाफे का साधन नहीं
मोर्चा नेताओं ने कहा कि बिजली आम जनता की बुनियादी जरूरत है और इसे केवल मुनाफे के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। सरकारी बिजली व्यवस्था कमजोर होने से भविष्य में रोजगार के अवसरों और उपभोक्ताओं के हितों पर असर पड़ सकता है। सरकार से निजीकरण की नीतियों पर पुनर्विचार करने, समानांतर लाइसेंस के मामले में जनहित को प्राथमिकता देने और कर्मचारियों की लंबित मांगों का बातचीत के माध्यम से समाधान करने की मांग की।
किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं से समर्थन की अपील
संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने किसानों, व्यापारियों, युवाओं और बिजली उपभोक्ताओं से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की। कहा कि सस्ती बिजली, रोजगार और सरकारी बिजली व्यवस्था को बचाना केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज के हित से जुड़ा विषय है।

सभा को अनिल सांगवान, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, निर्मल सिंह, निलांशु दुबे और अजय सैनी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि हड़ताल 24 अक्टूबर तक जारी रहेगी। इसके बाद आगामी आंदोलन की रणनीति और आगे की कार्रवाई पर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक में सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाएगा।
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