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Panchkula News: पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर, सरकारी स्कूलों में हर महीने पहले शनिवार को होगी पीटीएम
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निपुण हरियाणा मिशन के तहत पहल, बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और सीखने के स्तर पर होगी चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी स्कूलों में हर महीने के पहले शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की जाएगी। बैठकों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और सीखने के स्तर की जानकारी दी जाएगी, ताकि घर और स्कूल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य की अध्यक्षता में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में इस पहल पर जोर दिया गया। बैठक में बच्चों के अधिगम स्तर, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) और कक्षा-कक्ष में शिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई।
अभिभावकों को बताएंगे बच्चों की कमजोरियां
पीटीएम के दौरान शिक्षक अभिभावकों के साथ बच्चों की शैक्षणिक प्रगति साझा करेंगे। साथ ही, बच्चों की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। अभिभावकों को घर पर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने के तरीके भी बताए जाएंगे। विभाग का मानना है कि नियमित संवाद से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाया जा सकता है।
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छोटे बच्चों की बुनियाद मजबूत करने पर जोर
बालवाटिका-III और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण में परिवार की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इससे बच्चों में शुरुआती स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणित की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्मार्ट टीवी और निपुणोदय 2.0 से भी मिलेगी मदद
जिले में निपुण पजल एंड पैटर्न चैंपियनशिप, स्मार्ट टीवी के माध्यम से शिक्षण और निपुणोदय 2.0 जैसी गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। पीटीएम में अभिभावकों को इनकी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे घर पर भी बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित कर सकें। शिक्षा विभाग का उद्देश्य नियमित संवाद और सामूहिक प्रयासों से बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करना है।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। इसके तहत जिले के सभी सरकारी स्कूलों में हर महीने के पहले शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित की जाएगी। बैठकों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और सीखने के स्तर की जानकारी दी जाएगी, ताकि घर और स्कूल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके।
निपुण हरियाणा मिशन के तहत अतिरिक्त उपायुक्त विवेक आर्य की अध्यक्षता में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में इस पहल पर जोर दिया गया। बैठक में बच्चों के अधिगम स्तर, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) और कक्षा-कक्ष में शिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई।
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अभिभावकों को बताएंगे बच्चों की कमजोरियां
पीटीएम के दौरान शिक्षक अभिभावकों के साथ बच्चों की शैक्षणिक प्रगति साझा करेंगे। साथ ही, बच्चों की कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। अभिभावकों को घर पर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने के तरीके भी बताए जाएंगे। विभाग का मानना है कि नियमित संवाद से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाया जा सकता है।
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छोटे बच्चों की बुनियाद मजबूत करने पर जोर
बालवाटिका-III और आंगनवाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण में परिवार की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना गया है। इससे बच्चों में शुरुआती स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणित की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
स्मार्ट टीवी और निपुणोदय 2.0 से भी मिलेगी मदद
जिले में निपुण पजल एंड पैटर्न चैंपियनशिप, स्मार्ट टीवी के माध्यम से शिक्षण और निपुणोदय 2.0 जैसी गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। पीटीएम में अभिभावकों को इनकी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे घर पर भी बच्चों को सीखने के लिए प्रोत्साहित कर सकें। शिक्षा विभाग का उद्देश्य नियमित संवाद और सामूहिक प्रयासों से बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करना है।