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Panchkula News: आठ फ्रीजर, आठ शव... रात में आठ और पहुंचे, मोर्चरी के बाहर रखनी पड़ी बॉडी
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सड़क हादसों में पांच और करंट लगने से एक की मौत, लावारिस शव भी शामिल
बढ़ते दबाव के चलते लगाए गए तीन अतिरिक्त एसी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में शव रखने की व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा दबाव अब सामने आने लगा है। मोर्चरी में आठ फ्रीजर हैं और एक समय में आठ शव रखने की क्षमता है, लेकिन रविवार रात और सोमवार सुबह आठ और शव पहुंचने से व्यवस्था चरमरा गई। फ्रीजर भर जाने के बाद कुछ शवों को मोर्चरी के गेट के पास रखना पड़ा। इनमें सड़क हादसों में जान गंवाने वाले पांच और करंट लगने से जान गंवाने वाला एक व्यक्ति शामिल है। एक लावारिस शव भी मोर्चरी में रखा गया है।
गर्मी के मौसम में शवों को सुरक्षित रखना अस्पताल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फ्रीजर की क्षमता पूरी होने के बाद शवों को बाहर रखने पर तापमान बढ़ने से दुर्गंध और शव खराब होने का खतरा रहता है। लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए मोर्चरी में तीन अतिरिक्त एसी लगाए गए हैं।
चोरी से भी बिगड़ी व्यवस्था
सिविल अस्पताल की मोर्चरी में फ्रीजर की समस्या नई नहीं है। सितंबर 2023 में आठ में से चार फ्रीजर खराब हो गए थे। उस समय चार से अधिक शव पहुंचने पर उन्हें रखने में परेशानी हुई थी। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि कुछ परिजनों को बाहर से डीप फ्रीजर किराये पर लेने की नौबत आ गई थी। सितंबर 2024 में पोस्टमार्टम हाउस से आठ फ्रीजर और दो एसी के कॉपर वायर व कंप्रेसर चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को फ्रीजर की मरम्मत करवानी पड़ी थी। उस समय तीन फ्रीजर ही चालू हो पाए थे, जबकि पांच खराब पड़े थे। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक शव आने की स्थिति में जगह की कमी की आशंका भी जताई थी।
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लावारिस शव 72 घंटे तक रखे जाते हैं
मोर्चरी में लावारिस शवों को पहचान और परिजनों की तलाश के लिए निर्धारित अवधि तक रखा जाता है। नियम के अनुसार लावारिस शवों को 72 घंटे तक मोर्चरी में रखने की व्यवस्था है। गर्मी में पर्याप्त फ्रीजर की सुविधा नहीं होने पर कुछ ही घंटों में शव से दुर्गंध आने की समस्या शुरू हो सकती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि एक ही रात में अस्पताल की सामान्य क्षमता से दोगुने शव पहुंच जाएं तो उन्हें सुरक्षित रखने की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है। गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
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बढ़ते दबाव के चलते लगाए गए तीन अतिरिक्त एसी
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में शव रखने की व्यवस्था पर लगातार बढ़ रहा दबाव अब सामने आने लगा है। मोर्चरी में आठ फ्रीजर हैं और एक समय में आठ शव रखने की क्षमता है, लेकिन रविवार रात और सोमवार सुबह आठ और शव पहुंचने से व्यवस्था चरमरा गई। फ्रीजर भर जाने के बाद कुछ शवों को मोर्चरी के गेट के पास रखना पड़ा। इनमें सड़क हादसों में जान गंवाने वाले पांच और करंट लगने से जान गंवाने वाला एक व्यक्ति शामिल है। एक लावारिस शव भी मोर्चरी में रखा गया है।
गर्मी के मौसम में शवों को सुरक्षित रखना अस्पताल प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। फ्रीजर की क्षमता पूरी होने के बाद शवों को बाहर रखने पर तापमान बढ़ने से दुर्गंध और शव खराब होने का खतरा रहता है। लगातार बढ़ रहे दबाव को देखते हुए मोर्चरी में तीन अतिरिक्त एसी लगाए गए हैं।
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चोरी से भी बिगड़ी व्यवस्था
सिविल अस्पताल की मोर्चरी में फ्रीजर की समस्या नई नहीं है। सितंबर 2023 में आठ में से चार फ्रीजर खराब हो गए थे। उस समय चार से अधिक शव पहुंचने पर उन्हें रखने में परेशानी हुई थी। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि कुछ परिजनों को बाहर से डीप फ्रीजर किराये पर लेने की नौबत आ गई थी। सितंबर 2024 में पोस्टमार्टम हाउस से आठ फ्रीजर और दो एसी के कॉपर वायर व कंप्रेसर चोरी होने की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन को फ्रीजर की मरम्मत करवानी पड़ी थी। उस समय तीन फ्रीजर ही चालू हो पाए थे, जबकि पांच खराब पड़े थे। अस्पताल प्रबंधन ने अधिक शव आने की स्थिति में जगह की कमी की आशंका भी जताई थी।
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लावारिस शव 72 घंटे तक रखे जाते हैं
मोर्चरी में लावारिस शवों को पहचान और परिजनों की तलाश के लिए निर्धारित अवधि तक रखा जाता है। नियम के अनुसार लावारिस शवों को 72 घंटे तक मोर्चरी में रखने की व्यवस्था है। गर्मी में पर्याप्त फ्रीजर की सुविधा नहीं होने पर कुछ ही घंटों में शव से दुर्गंध आने की समस्या शुरू हो सकती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि एक ही रात में अस्पताल की सामान्य क्षमता से दोगुने शव पहुंच जाएं तो उन्हें सुरक्षित रखने की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है। गर्मी के मौसम में यह व्यवस्था और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।