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Panchkula News: हममें से प्रत्येक के पास बताने के लिए एक कहानी है
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पूर्व राजनयिक नवतेज एस सरना ने एक लेखक के रूप में अपने विचार साझा किए
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक उत्सव अभिव्यक्ति का समापन हो गया।इसमें पूर्व राजनयिक नवतेज एस सरना और प्रसिद्ध लेखक डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई की ओर से लेखन की चुनौतियों पर प्रकट किए गए विचार साझा किए गए।
इस अवसर पर पश्चिमी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, एवीएसएम और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कमलजीत सिंह की पुस्तक जनरल जौटिंग्स का विमोचन किया।
डॉ राधाकृष्णन पिल्लई ने अपने मुख्य भाषण में पुस्तक लेखन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने एक अच्छे लेखक बनने के लिए पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कहा कि हममें से प्रत्येक के पास बताने के लिए एक कहानी है और हमें यह जानना होगा कि उस कहानी को कैसे बताया जाए।
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भारत एक ऐसा देश है जहां लोग कई भाषाओं में किताबें पढ़ रहे हैं, लेकिन जो किताबें पढ़ी जाती हैं वे मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकें हैं। इसलिए, हमारे पास लोगों को गैर-पाठ्य पुस्तकें भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
वरिष्ठ पत्रकार ज्योति मल्होत्रा ने अपने समापन भाषण में समाज में साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा एक महिला पत्रकार के रूप में अपने अनुभव और यात्रा को भी साझा किया। आवा की क्षेत्रीय अध्यक्ष शुचि कटियार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। अभिव्यक्ति 4 के भव्य समापन समारोह में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सांस्कृतिक दलों द्वारा क्षेत्रीय नृत्यों की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
लेखन की चुनौतियों पर हुए विचार साझा
वरिष्ठ पत्रकार विपिन पब्बी के साथ बातचीत में, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत सरना ने अपनी प्रसिद्ध कृतियां द एग्जाइल और क्रिमसन स्प्रिंग के संदर्भ में रचनात्मक लेखन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए।
महान क्रांतिकारी उधम सिंह पर एक सवाल पर सरना ने बताया कि उधम सिंह के बारे में बहुत सी बातें ज्ञात नहीं हैं। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश न करें। इतिहास के प्रति सच्चे रहें। तारीखें सच होनी चाहिए।
कई मिथकों को उजागर करते हुए सरना का दृढ़ मत था कि एक लेखक को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से एक दूरी बनाए रखनी चाहिए। तभी आप निष्पक्ष होकर लिख सकते हैं। सरना ने शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह और महारानी जिंदा के सबसे छोटे बेटे महाराजा दलीप सिंह के बारे में भी बात की जो उनके उपन्यास द एग्जाइल का केंद्रीय विषय है।
पत्रकार सोनी सांगवान की ओर से संचालित रीकिंडलिंग द हैबिट ऑफ रीडिंग विषय पर एक जीवंत पैनल चर्चा में पैनलिस्ट अजय जैन, वंदना पल्ली और सगुना जैन ने युवाओं में पढ़ने की आदत डालने की चुनौतियों और अवसरों पर बात की। अम्बरीन जैदी की ओर से संचालित डिजिटल कथाएं स्क्रीन के युग में कथा वाचन पर पैनल चर्चा में गहन चर्चा की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (आवा) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय साहित्यिक उत्सव अभिव्यक्ति का समापन हो गया।इसमें पूर्व राजनयिक नवतेज एस सरना और प्रसिद्ध लेखक डॉ. राधाकृष्णन पिल्लई की ओर से लेखन की चुनौतियों पर प्रकट किए गए विचार साझा किए गए।
इस अवसर पर पश्चिमी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, एवीएसएम और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीपी मलिक ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कमलजीत सिंह की पुस्तक जनरल जौटिंग्स का विमोचन किया।
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डॉ राधाकृष्णन पिल्लई ने अपने मुख्य भाषण में पुस्तक लेखन के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने एक अच्छे लेखक बनने के लिए पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कहा कि हममें से प्रत्येक के पास बताने के लिए एक कहानी है और हमें यह जानना होगा कि उस कहानी को कैसे बताया जाए।
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भारत एक ऐसा देश है जहां लोग कई भाषाओं में किताबें पढ़ रहे हैं, लेकिन जो किताबें पढ़ी जाती हैं वे मुख्य रूप से पाठ्य पुस्तकें हैं। इसलिए, हमारे पास लोगों को गैर-पाठ्य पुस्तकें भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
वरिष्ठ पत्रकार ज्योति मल्होत्रा ने अपने समापन भाषण में समाज में साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला तथा एक महिला पत्रकार के रूप में अपने अनुभव और यात्रा को भी साझा किया। आवा की क्षेत्रीय अध्यक्ष शुचि कटियार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। अभिव्यक्ति 4 के भव्य समापन समारोह में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला के सांस्कृतिक दलों द्वारा क्षेत्रीय नृत्यों की प्रस्तुति ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
लेखन की चुनौतियों पर हुए विचार साझा
वरिष्ठ पत्रकार विपिन पब्बी के साथ बातचीत में, संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत सरना ने अपनी प्रसिद्ध कृतियां द एग्जाइल और क्रिमसन स्प्रिंग के संदर्भ में रचनात्मक लेखन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए।
महान क्रांतिकारी उधम सिंह पर एक सवाल पर सरना ने बताया कि उधम सिंह के बारे में बहुत सी बातें ज्ञात नहीं हैं। इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश न करें। इतिहास के प्रति सच्चे रहें। तारीखें सच होनी चाहिए।
कई मिथकों को उजागर करते हुए सरना का दृढ़ मत था कि एक लेखक को अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से एक दूरी बनाए रखनी चाहिए। तभी आप निष्पक्ष होकर लिख सकते हैं। सरना ने शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह और महारानी जिंदा के सबसे छोटे बेटे महाराजा दलीप सिंह के बारे में भी बात की जो उनके उपन्यास द एग्जाइल का केंद्रीय विषय है।
पत्रकार सोनी सांगवान की ओर से संचालित रीकिंडलिंग द हैबिट ऑफ रीडिंग विषय पर एक जीवंत पैनल चर्चा में पैनलिस्ट अजय जैन, वंदना पल्ली और सगुना जैन ने युवाओं में पढ़ने की आदत डालने की चुनौतियों और अवसरों पर बात की। अम्बरीन जैदी की ओर से संचालित डिजिटल कथाएं स्क्रीन के युग में कथा वाचन पर पैनल चर्चा में गहन चर्चा की गई।