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नशे के सौदागर बिगाड़ रहे युवाओं का भविष्य, रहम के हकदार नहीं : हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। नशा तस्करी के आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नशे के सौदागर युवाओं के भविष्य को तबाह कर रहे हैं और ऐसे में वे रहम के हकदार नहीं हैं। अगर ऐसे लोगों से सख्ती से नहीं निपटा गया तो यह कारोबार बढ़ता ही जाएगा।
याचिका दाखिल करते हुए अमृतसर निवासी दविंदर सिंह ने कहा कि उसे पुलिस ने झूठे मामले में फंसा कर मार्च 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। याची के पास से नशे की कोई रिकवरी मौके पर नहीं हुई थी और यह उसके खिलाफ एकलौता मामला है। याची ढाई साल से जेल में मौजूद है और ऐसे में उसे नियमित जमानत का लाभ दिया जाए। याचिका का विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि याची के बयान के आधार पर 10 किलो हेरोइन बरामद की गई है। यह कॉमर्शियल मात्रा है और ऐसे में याची को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों को आधार बनाकर कहा कि इस प्रकार के मामले भविष्य के लिए खौफनाक संकेत दे रहे हैं। लोग थोड़े से मुनाफे के लिए युवाओं का भविष्य बर्बाद करते हुए उन्हें गलत दिशा में भी लेकर जा रहे हैं। ऐसे लोग नशे को समाज में फैला कर समाज का ताना बाना बर्बाद करने में जुटे हैं। अगर इन लोगों से सख्ती से नहीं निपटा गया तो यह कारोबार बढ़ता ही जाएगा। नशे के सौदागर युवाओं को रोमांच के लिए जाल में फंसा लेते हैं और उन्हें गलत दिशा में ले जाने में कामयाब हो जाते हैं, जो समाज के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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याचिका दाखिल करते हुए अमृतसर निवासी दविंदर सिंह ने कहा कि उसे पुलिस ने झूठे मामले में फंसा कर मार्च 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। याची के पास से नशे की कोई रिकवरी मौके पर नहीं हुई थी और यह उसके खिलाफ एकलौता मामला है। याची ढाई साल से जेल में मौजूद है और ऐसे में उसे नियमित जमानत का लाभ दिया जाए। याचिका का विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि याची के बयान के आधार पर 10 किलो हेरोइन बरामद की गई है। यह कॉमर्शियल मात्रा है और ऐसे में याची को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों को आधार बनाकर कहा कि इस प्रकार के मामले भविष्य के लिए खौफनाक संकेत दे रहे हैं। लोग थोड़े से मुनाफे के लिए युवाओं का भविष्य बर्बाद करते हुए उन्हें गलत दिशा में भी लेकर जा रहे हैं। ऐसे लोग नशे को समाज में फैला कर समाज का ताना बाना बर्बाद करने में जुटे हैं। अगर इन लोगों से सख्ती से नहीं निपटा गया तो यह कारोबार बढ़ता ही जाएगा। नशे के सौदागर युवाओं को रोमांच के लिए जाल में फंसा लेते हैं और उन्हें गलत दिशा में ले जाने में कामयाब हो जाते हैं, जो समाज के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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