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Panchkula News: आदेश के बावजूद प्रोफेसर को नहीं लिया सेवा में, प्रशासन को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Fri, 07 Jul 2023 01:26 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 01:26 AM IST
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Despite the order, the professor was not taken in service, the High Court reprimanded the administration
चंडीगढ़। गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट के प्रोफेसर सुमंगल राय को सभी वित्तीय लाभ सहित सेवा में वापस लेने के आदेश का पालन ढाई साल बीत जाने के बावजूद न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन न हुआ तो प्रशासक के सलाहकार व टेक्निकल एजुकेशन विभाग के सचिव को कोर्ट में हाजिर होना होगा।
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याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट मंदीप के सज्जन ने हाईकोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की 23 मार्च 2007 की नोटिफिकेशन व ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन रेगुलेशन के बावजूद याचिकाकर्ता को 65 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले जबरन रिटायर कर दिया गया। 31 मार्च 2019 को जारी इस आदेश को याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए 8 अप्रैल 2022 को प्रशासन को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता को सभी वित्तीय लाभ के साथ सेवा में वापस लिया जाए।
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इस आदेश के बावजूद याचिकाकर्ता को सेवाओं में वापस न लेने पर अब हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई। प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि कुछ पुनर्विचार याचिकाएं इस विषय को लेकर विचाराधीन हैं। हाईकोर्ट ने इस पर यूटी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि जब उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश पर रोक नहीं लगाई तो आखिर क्यों आदेश का पालन करने में इतनी देरी हो रही है। मामला ढाई साल से विचाराधीन है और फिर भी आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने अब दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि अगली सुनवाई तक प्रशासन के पक्ष में रोक का आदेश नहीं आता है और आदेश का पालन नहीं किया गया तो प्रशासक के सलाहकार व तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा।
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